नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के सांसदों की एक महत्त्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। संसद भवन स्थित एनेक्सी एक्सटेंशन बिल्डिंग में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शीतकालीन सत्र के शेष दिनों के लिए रणनीति तय करना, विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रूपरेखा तैयार करना था। बैठक में कांग्रेस के अधिकांश सांसद शामिल हुए, लेकिन एक बार फिर वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की अनुपस्थिति चर्चा का कारण बनी रही।
यह लगातार तीसरी बार था जब थरूर इस प्रकार की सामूहिक रणनीतिक बैठक में नजर नहीं आए। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। गौरतलब है कि शशि थरूर ने पिछले कुछ समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कुछ नीतियों की खुलकर सराहना की है, जिसके चलते पार्टी नेतृत्व और उनके बीच मतभेद की स्थिति देखने को मिली है। यही वजह है कि उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल और भी गहरे हो रहे हैं।
हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बैठक के एक दिन पहले थरूर कोलकाता में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यह माना जा रहा है कि उसी कार्यक्रम के चलते वे दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की बैठक में भाग नहीं ले पाए। फिर भी, राजनीतिक विश्लेषक इसे महज संयोग के रूप में नहीं देख रहे और इसे पार्टी के भीतर उभरती वैचारिक दूरियों से जोड़कर देख रहे हैं। गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में आयोजित डिनर में भी थरूर को बुलाया गया था जबकि दोनों सदनों में प्रतिपक्ष के नेता आमंत्रित नहीं थे। कुल मिलाकर, इस बैठक में जहां कांग्रेस ने अपनी रणनीति को धार देने की कोशिश की, वहीं शशि थरूर की अनुपस्थिति ने भीतरखाने की राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।