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भोपाल। मध्यप्रदेश में हाल ही में चुने गए आरक्षकों की ट्रेनिंग एक जुलाई से शुरू हो चुकी है। इसी दौरान आरक्षकों को रामायण पाठ कराने की सलाह पुलिस मुख्यालय के एडीजी राजाबाबू सिंह ने दी है। पुलिस विभाग में सिलेक्ट होकर आए नए जवान इस सुझाव को अच्छा मान रहे हैं। वहीं, कांग्रेस नेता इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।
दरअसल, मध्य प्रदेश पुलिस में 4 हजार नए कांस्टेबलों की भर्ती हुई है, जिनकी ट्रेनिंग प्रदेश के आठ पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) में शुरू होगी। कांस्टेबलों ने अपने होमटाउन के नजदीक PTS में ट्रेनिंग लेने की अर्जी लगाई है। इसी वजह से एडीजी राजाबाबू सिंह ने विडियो कान्फैसिंग द्ववारा कांस्टेबलों से बात की और उन्हें समझाते हुए भगवान राम की मिसाल दी।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम एक आदेश पर 14 साल के लिए वनवास चले गए थे और आप लोग 9 महीने की ट्रेनिंग भी अपने घर के पास करना चाहते हैं। आप सभी को रामचरित मानस की चौपाइयों का पाठ करना चाहिए क्योंकि भगवान राम ने वनवास के दौरान जंगल में जीवित रहने की कला सीखी थी।
कांग्रेस प्रवक्ता फिदीन सिद्दीकी ने कहा कि सबको अपने धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने की, अपने धर्म का पालन करने की पूरी आजादी और ऐसा पुलिस ट्रेनिंग में भी है। अगर कोई पढ़ना चाहता है तो वो पढ़े, उस पर कोई रोक नहीं हैं लेकिन किसी को भी मजबूर न किया जाए।।
ट्रेनिंग ले रही कांस्टेबल उस्मानी शबनम ने कहा, साहब ने बताया कि राम जी ने किस तरह 14 साल का वनवास लिया था। उसके सामने तो ये पुलिस ट्रेनिंग कुछ भी नहीं है। वही, कांस्टेबल अयान महमूद खान ने कहा कि इससे हम मोटिवेटेड रहेंगे और हमारा मन भी शांत रहेगा।