BMW कार के टेंडर पर विवाद, कांग्रेस ने कहा- लोकपाल अब शौकपाल, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली। देश में भ्रष्टाचार की जांच करने वाली सर्वोच्च संस्था लोकपाल इन दिनों खुद विवादों में घिरे हुए है। दरअसल, लोकपाल ने हाल ही में सात लग्जरी BMW कारें खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है, जिनकी कुल कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है। इस फैसले पर अब कांग्रेस ने लोकपाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने कहा कि अब लोकपाल नहीं, 'शौकपाल' हो गया है।
जनता के पैसों से खरीद रहे हैं गाड़ी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, जब सुप्रीम कोर्ट के माननीय जज सादे सिडान कारों में चलते हैं, तो लोकपाल के चेयरमैन और छह सदस्यों को BMW की क्या जरूरत है? जनता के पैसों से इन गाड़ियों की खरीद क्यों की जा रही है? उम्मीद है कि लोकपाल के कम से कम एक या दो सदस्य इन कारों को लेने से इनकार करेंगे। हालांकि, अब तक लोकपाल की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
लोकपाल की असलियत देख लें
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि जिन लोगों ने मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ झूठा प्रचार किया, अब वही लोकपाल की असलियत देख लें। वहीं, टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने कहा कि लोकपाल का सालाना बजट 44.32 करोड़ रुपये है और ये गाड़ियां उसी का 10% हैं।
देसी की बात करने वाले विदेशी कारें खरीद रहे
इसके साथ ही शिवसेना (यूबीची) की प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सवाल उठाया कि देशी की बात करने वाली सरकार अब विदेशी कारें खरीद रही है? वहीं, अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा 8703 शिकायतें, केवल 24 जांचें, 6 अभियोजन की स्वीकृति... और अब BMW! ये संस्था 'पैंथर' नहीं बल्कि 'पूडल' बन चुकी है।"
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब लोकपाल ने 16 अक्टूबर को टेंडर जारी किया। टेंडर में कहा गया कि संस्था को बीएमडब्ल्यू (BMW) 3 सीरीज़ 330Li एम स्पोर्ट (लॉन्ग व्हीलबेस) सफेद रंग) की 7 गाड़ियां चाहिए। हर गाड़ी की कीमत लगभग 69.5 लाख रुपये बताई गई है। ये कारें लोकपाल के चेयरमैन जस्टिस एएम खानविलकर (सेवानिवृत्त) और अन्य छह सदस्यों के लिए खरीदी जा रही हैं।





















