CWG 2026 में भारत का जलवा!6 मेडल जीतने पर PM मोदी ने पदक विजेताओं को दी बधाई, बोले- खिलाड़ियों ने रचा इतिहास

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शुक्रवार को भारत ने जूडो और एथलेटिक्स में बेहतरीन खेल दिखाते हुए कुल छह पदक जीते। इस उपलब्धि के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 23 तक पहुंच गई है। नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीता, जबकि तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज अपने नाम किया। वहीं जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने गोल्ड जीतकर नया इतिहास बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पदक विजेताओं को बधाई दी।
यादगार रहा कॉमनवेल्थ गेम्स
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार का दिन भारत के लिए बेहद सफल रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह पदक हासिल किए। इसमें दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल रहे। इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने खेल प्रेमियों को खुशी का मौका दिया है।
नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर, यश वीर ने दिलाया ब्रॉन्ज
जैवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले में नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। नीरज पूरे मुकाबले में पदक की दौड़ में बने रहे और अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं यश वीर सिंह ने अपने आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता। उनका अंतिम प्रयास बेहद खास रहा क्योंकि उन्होंने आखिरी मौके पर पोडियम में जगह बनाई।
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तेजस्विन शंकर ने रचा नया इतिहास
एथलीट तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के डेकाथलॉन मुकाबले में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 10 अलग-अलग स्पर्धाओं में हिस्सा लेकर कुल 7,976 अंक हासिल किए। खास बात यह रही कि चोट की परेशानी के बावजूद उन्होंने पूरा मुकाबला पूरा किया और देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
जूडो में भारत को मिले दो गोल्ड और एक सिल्वर
जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में अस्मिता डे ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास बनाया। इसके बाद पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में हर्ष सिंह ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो के क्षेत्र में भारत के पहले गोल्ड मेडल रहे। वहीं महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल जीता। फाइनल मुकाबले में कड़े संघर्ष के बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जूडो खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन इस खेल में देश की बढ़ती ताकत को दिखाता है।
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी छह पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने नीरज चोपड़ा के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार फिर निरंतरता और धैर्य का परिचय दिया है। तेजस्विन शंकर की उपलब्धि को प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक बताया और कहा कि उनका प्रदर्शन युवाओं को प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री ने यामिनी मौर्य, अस्मिता डे, हर्ष सिंह और यश वीर सिंह को भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
23 पदकों के साथ भारत की स्थिति मजबूत
शुक्रवार के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में कुल 23 पदक हो गए हैं। इनमें पांच गोल्ड, 12 सिल्वर और छह ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारत पदक तालिका में 10वें स्थान पर बना हुआ था। एथलेटिक्स, जूडो और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले मुकाबलों में देश की पदक संख्या और बढ़ सकती है।
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भारतीय खेलों के लिए क्यों खास रहा यह दिन
एक ही दिन में अलग-अलग खेलों में मिली सफलता भारतीय खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जूडो में पहली बार गोल्ड, डेकाथलॉन में पहला पदक और जैवलिन में दो खिलाड़ियों का पोडियम पर पहुंचना इस प्रतियोगिता की बड़ी उपलब्धियां हैं। यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारत अब कई खेलों में मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है।











