इंदौर - कनाडिय़ा की नायब तहसीलदार शिखा सोनी के कार्यालय में पदस्थ डाटा इंट्री ऑपरेटर रवींद्र दुबे को कल कलेक्टर शिवम दुबे द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में सस्पैंड करने के बाद कल शाम उन्होंने जहर खा लिया। उन्हें चौइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। राऊ स्थित सिलीकॉन सिटी निवासी दुबे पहले राऊ एसडीएम कार्यालय में पदस्थ थे जहां से भी उन पर भ्रष्टचार के अनेक आरोप लगे थे जिसके बाद उन्हें हटाकर कनाडिय़ा भेज दिया गया था।
एसडीएम ओमनारायण बडक़ुल ने बताया कि दुबे ने फर्जी आदेश जारी कर नामांतरण अमल कराया था। ऐसे कई मामले हैं और उन्हें पूर्व में चेतावनी भी दी गई थी। कनाडिय़ा की नायब तहसीलदार श्रीमती शिखा सोनी ने दुबे पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा को प्रतिवेदन दिया था। कलेक्टर ने तुरंत सस्पैंड कर दिया। इसके बाद शाम को उन्होंने जहर खा लिया जिन्हें बाद में चौइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। नामांतरण मामले में दुबे को जान से मारने की धमकी की भी बात कही जा रही है। हालांकि इस मामले में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। दुबे पहले राऊ एसडीएम कार्यालय में थे लेकिन वहां भी उन पर आरोप लगे थे जिसके बाद उनका तबादला कनाडिय़ा किया गया था।