महाकाल मंदिर सुरक्षा में बड़ा बदलाव!प्राइवेट नहीं, होमगार्ड संभालेंगे जिम्मा

अब महाकाल मंदिर की सुरक्षा प्राइवेट एजेंसियों से हटकर सीधे सरकारी होमगार्ड के हाथों में होगी। भक्तों की भीड़ को देखते हुए यह कदम सुरक्षा को और मजबूत करेगा। किसी धार्मिक स्थल के लिए पहली बार विशेष होमगार्ड कैडर बनाया जा रहा है। ये कदम मंदिर प्रशासन की व्यवस्था को और ज्यादा जिम्मेदार और पारदर्शी बनाएगा।
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प्राइवेट नहीं, होमगार्ड संभालेंगे जिम्मा
credit:- social media
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं। महाकाल लोक कॉरिडोर बनने के बाद भक्तों की भीड़ और भी बढ़ गई है। इतनी बड़ी भीड़ में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसी वजह से अब मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।

    सरकार ने लिया बड़ा फैसला

    मध्य प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि अब महाकाल मंदिर की सुरक्षा प्राइवेट एजेंसियों के बजाय होमगार्ड के विशेष प्रशिक्षित जवान संभालेंगे। इसके लिए 488 होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। ये जवान सिर्फ महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक क्षेत्र में ही तैनात रहेंगे।

    होमगार्ड की 4 विशेष कंपनियां बनेंगी

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद सरकार ने महाकाल मंदिर के लिए चार विशेष होमगार्ड कंपनियों के गठन को मंजूरी दे दी है। यह पहली बार होगा जब किसी धार्मिक स्थल के लिए अलग से विशेष होमगार्ड कैडर बनाया जा रहा है। होमगार्ड मुख्यालय भोपाल ने इस संबंध में गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसे जल्द ही अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

    ESB के जरिए होगी भर्ती प्रक्रिया

    इन 488 जवानों की भर्ती राज्य स्तरीय कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से की जाएगी। गृह विभाग जल्द ही ESB को भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश देगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा और चयन प्रक्रिया शुरू होगी।

    केवल महाकाल लोक में ही तैनाती

    इस खास होमगार्ड कैडर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन जवानों का ट्रांसफर कहीं और नहीं किया जाएगा। ये जवान अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक में ही तैनात रहेंगे। इसके अलावा इन्हें कॉल-अप और कॉल-ऑफ ड्यूटी से भी छूट मिलेगी।

    प्राइवेट एजेंसियों की जगह सरकारी सुरक्षा बल

    अब तक महाकाल मंदिर की सुरक्षा प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से चलती थी। लेकिन बढ़ती भीड़ और सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने यह जिम्मेदारी सरकारी बल को सौंपने का निर्णय लिया है। होमगार्ड जवानों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था अधिक विश्वसनीय, जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी। यह कदम मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं को भी मजबूत करेगा।

    488 जवानों की तैनाती

    महाकाल लोक कॉरिडोर बनने के बाद रोजाना मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। औसतन हर दिन एक लाख से ज्यादा भक्त मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 488 होमगार्ड जवान मंदिर परिसर की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात रहेंगे।

    ट्रेनिंग में भीड़ प्रबंधन की खास ट्रेनिंग

    इन जवानों को तैनाती से पहले बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग में भीड़ नियंत्रण और मैनेजमेंट की तकनीक भी शामिल होगी, ताकि भक्तों को आराम से और सुरक्षित तरीके से दर्शन हो सकें।

    महाकाल मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा। सरकारी निगरानी में काम होने से पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहेगी। इससे भक्तों को सुरक्षा की बेहतर सुविधा मिलेगी और मंदिर प्रशासन को भी व्यवस्था में मजबूती मिलेगी। 

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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