Naresh Bhagoria
25 Jan 2026
उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं। महाकाल लोक कॉरिडोर बनने के बाद भक्तों की भीड़ और भी बढ़ गई है। इतनी बड़ी भीड़ में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसी वजह से अब मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि अब महाकाल मंदिर की सुरक्षा प्राइवेट एजेंसियों के बजाय होमगार्ड के विशेष प्रशिक्षित जवान संभालेंगे। इसके लिए 488 होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। ये जवान सिर्फ महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक क्षेत्र में ही तैनात रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद सरकार ने महाकाल मंदिर के लिए चार विशेष होमगार्ड कंपनियों के गठन को मंजूरी दे दी है। यह पहली बार होगा जब किसी धार्मिक स्थल के लिए अलग से विशेष होमगार्ड कैडर बनाया जा रहा है। होमगार्ड मुख्यालय भोपाल ने इस संबंध में गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसे जल्द ही अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
इन 488 जवानों की भर्ती राज्य स्तरीय कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से की जाएगी। गृह विभाग जल्द ही ESB को भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश देगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा और चयन प्रक्रिया शुरू होगी।
इस खास होमगार्ड कैडर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन जवानों का ट्रांसफर कहीं और नहीं किया जाएगा। ये जवान अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक में ही तैनात रहेंगे। इसके अलावा इन्हें कॉल-अप और कॉल-ऑफ ड्यूटी से भी छूट मिलेगी।
अब तक महाकाल मंदिर की सुरक्षा प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से चलती थी। लेकिन बढ़ती भीड़ और सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने यह जिम्मेदारी सरकारी बल को सौंपने का निर्णय लिया है। होमगार्ड जवानों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था अधिक विश्वसनीय, जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी। यह कदम मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं को भी मजबूत करेगा।
महाकाल लोक कॉरिडोर बनने के बाद रोजाना मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। औसतन हर दिन एक लाख से ज्यादा भक्त मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 488 होमगार्ड जवान मंदिर परिसर की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात रहेंगे।
इन जवानों को तैनाती से पहले बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग में भीड़ नियंत्रण और मैनेजमेंट की तकनीक भी शामिल होगी, ताकि भक्तों को आराम से और सुरक्षित तरीके से दर्शन हो सकें।
महाकाल मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा। सरकारी निगरानी में काम होने से पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहेगी। इससे भक्तों को सुरक्षा की बेहतर सुविधा मिलेगी और मंदिर प्रशासन को भी व्यवस्था में मजबूती मिलेगी।