SIR पर EC की सफाई से चिराग पासवान संतुष्ट, बोले- मेरी चिंता दूर हुई; विपक्ष से पूछा- केरल में कैसे बनी सरकार

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने चुनाव आयोग की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण पर संतुष्टि जताई है। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर उनके मन में भी चिंता थी लेकिन आयोग ने जिस तरह सभी मुद्दों पर बिंदुवार स्थिति स्पष्ट की उससे उनकी चिंता दूर हो गई है। चिराग पासवान ने यह प्रतिक्रिया उस समय दी है, जब एक दिन पहले उन्होंने खुद चुनाव आयोग से पूरे विवाद पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग को विपक्ष के नेताओं को जवाब देने के बजाय आम जनता के मन में पैदा हुए सवालों और आशंकाओं को दूर करना चाहिए क्योंकि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
EC के जवाब से दूर हुई चिंता
चिराग पासवान ने कहा कि जनता के मन में जब कोई सवाल या चिंता होती है तो उसे सामने रखना उनकी जिम्मेदारी है। इसी वजह से SIR को लेकर सामने आई चिंताओं को उन्होंने चुनाव आयोग तक पहुंचाया था।
अब आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया, तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच सहमति और कैबिनेट सचिव के साथ हुई बैठक से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके मुताबिक इस स्पष्टीकरण से लोगों के मन में मौजूद भ्रम दूर करने में मदद मिलेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसा मजबूत होगा।
विपक्ष पर उठाए सवाल
चिराग पासवान ने SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं तो आलोचना सभी राज्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि केरल में उसकी सरकार कैसे बनी और हिमाचल प्रदेश में सरकार कैसे बनी। चिराग के मुताबिक एक जगह चुनावी प्रक्रिया को गलत और दूसरी जगह सही बताना उचित नहीं है। उन्होंने इसी संदर्भ में प्रियंका गांधी की जीत का भी उल्लेख किया और सवाल उठाया कि यदि SIR इतना बड़ा मुद्दा है तो विपक्ष के उम्मीदवार चुनाव कैसे जीत पाए। ये टिप्पणियां चिराग पासवान की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। SIR को लेकर विपक्षी दल अलग-अलग राज्यों में प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं।
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एक दिन पहले खुद EC से मांगा था स्पष्टीकरण
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर SIR सहित कुछ फैसलों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से लिखित आपत्तियों का दावा सामने आने के बाद चिराग पासवान ने 25 सितंबर को चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा था।
NDA के अन्य सहयोगियों ने भी मांगी थी स्पष्टता
SIR को लेकर उठे सवालों के बीच चिराग पासवान के अलावा NDA के कुछ अन्य सहयोगी दलों ने भी चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। तेलुगु देशम पार्टी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से भी कहा गया था कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में पैदा हुए सवालों का जवाब देना जरूरी है। EC के स्पष्टीकरण के बाद NDA के सहयोगी दलों की ओर से आयोग के बयान का स्वागत किया गया है। चिराग पासवान ने भी कहा कि आयोग की ओर से सामने रखे गए जवाब से उनकी पहले जताई गई चिंता दूर हुई है।
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प्रयागराज में युवाओं के समर्थन से उत्साहित चिराग
चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भी अपनी बात रखी। प्रयागराज में आयोजित ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां युवाओं का साथ देखकर उनका भरोसा मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है और प्रयागराज में युवाओं की बड़ी भागीदारी इस दिशा में उत्साह बढ़ाने वाली है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पिछले कुछ महीनों से संगठनात्मक गतिविधियां तेज की हैं। प्रयागराज के बाद दूसरे जिलों में भी युवा संवाद और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की योजना की जानकारी पार्टी की ओर से दी गई है। SIR पर चिराग पासवान के बदले रुख के बीच अब उनकी प्रतिक्रिया इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने पहले चुनाव आयोग से पारदर्शिता को लेकर जवाब मांगा था और अब आयोग की सफाई के बाद अपनी चिंता दूर होने की बात कही है।




















