तमिलनाडु में नवजातों को 1 ग्राम सोने की अंगूठी, CM विजय ने शुरू की ‘थाई मामन थंगा मोथिरम’ योजना

मदुरै। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को अपनी चुनावी घोषणा को अमल में लाते हुए नवजात बच्चों के लिए ‘थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ योजना की शुरुआत की। तमिल में इस नाम का अर्थ ‘मामा की ओर से सोने की अंगूठी’ है। योजना की शुरुआत मदुरै स्थित सरकारी राजाजी अस्पताल से की गई, जहां मुख्यमंत्री ने नवजात बच्चों को गोद में लिया और पात्र परिवारों को 22 कैरेट सोने की एक ग्राम की अंगूठियां सौंपीं। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए सालाना 755.83 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना के तहत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले पात्र नवजातों को एक ग्राम की सोने की अंगूठी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य मातृत्व का सम्मान करने के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करना है।
22 कैरेट की अंगूठी, शुरुआती चरण में 1.28 लाख तैयार
योजना के शुरुआती चरण के लिए राज्य सरकार ने 1.28 लाख एक ग्राम की सोने की अंगूठियां तैयार कराई हैं। प्रत्येक अंगूठी पर अलग क्रमांक होगा और उसे सुरक्षित पैकेजिंग में दिया जाएगा। योजना का लाभ 22 जून 2026 या उसके बाद सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्मे पात्र बच्चों को मिलेगा। यह तारीख योजना को मुख्यमंत्री विजय के जन्मदिन से जोड़ते हुए पिछली तारीख से लागू किए जाने के प्रावधान का हिस्सा है। 28 सितंबर से पात्र नवजातों को सरकारी अस्पताल से मां के साथ छुट्टी होने से पहले अंगूठी देने की व्यवस्था की गई है। इससे पहले 22 जून से 27 सितंबर के बीच जन्मे पात्र बच्चों के लिए अलग वितरण व्यवस्था के तहत निर्धारित केंद्रों से अंगूठियां देने की योजना बनाई गई थी।
किन परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार के मुताबिक योजना का लाभ तमिलनाडु के स्थायी निवासियों को मिलेगा। मां का राज्य के गर्भावस्था और शिशु निगरानी तंत्र में पंजीकरण होना भी जरूरी है। निवास प्रमाण के लिए राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, आधार, श्रम कल्याण बोर्ड का पहचान पत्र, डाक विभाग का पता प्रमाण या नेटिविटी सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जा रहे हैं। योजना में बच्चे के लिंग या जन्म क्रम के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। यानी पात्रता पूरी होने पर नवजात को योजना का लाभ दिया जाएगा।
हर साल करीब 7.8 लाख बच्चों का जन्म
तमिलनाडु में हर साल करीब 7.8 लाख प्रसव होने का सरकारी आंकड़ा है। इनमें लगभग 4.2 लाख यानी 53 प्रतिशत प्रसव सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में होते हैं। सरकार ने इसी आधार पर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में प्रसव कराने वाले परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था तैयार की है। सरकार का कहना है कि योजना केवल सोने की अंगूठी देने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव को लेकर भरोसा बढ़ाना, मातृत्व को सम्मान देना और महिलाओं तथा नवजातों से जुड़ी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना भी उद्देश्य है।
15 सितंबर को होनी थी शुरुआत
इस योजना की शुरुआत पहले 15 सितंबर, पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरै की जयंती के अवसर पर प्रस्तावित थी। लेकिन मुख्यमंत्री विजय के ब्रिटेन दौरे के कारण कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया। बाद में सरकार ने 28 सितंबर को मदुरै में औपचारिक शुभारंभ की तारीख तय की। मदुरै में योजना की शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक परिधान में कार्यक्रम में हिस्सा लिया और नवजातों को अपनी गोद में लिया। इसके बाद लाभार्थी बच्चों की माताओं को अंगूठियां सौंपी गईं।
चुनाव से पहले किया गया था वादा
‘थाई मामन थंगा मोथिरम’ योजना को टीवीके के चुनावी वादों से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री बनने से पहले विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान नवजात बच्चों के लिए सोने की अंगूठी देने का वादा किया था। मार्च 2026 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं के लिए कई ‘सैंपल’ चुनावी वादों की घोषणा की थी जिनमें नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने वाली योजना भी शामिल थी। इसी कार्यक्रम में विजय ने परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2,500 रुपये, राज्य परिवहन की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और विवाह सहायता जैसी घोषणाएं भी की थीं। उन्होंने इन घोषणाओं को शुरुआती यानी ‘सैंपल’ वादे बताया था।
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‘अन्नपूर्णी सुपर 6’ में भी बदलाव
विजय सरकार की चुनावी घोषणाओं में ‘अन्नपूर्णी सुपर 6 योजना’ भी शामिल थी। चुनाव से पहले इसमें पात्र परिवारों को हर साल छह मुफ्त LPG सिलेंडर देने का वादा किया गया था। हालांकि, अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में घोषणा की कि इसके पहले चरण में सालाना तीन मुफ्त सिलेंडर दिए जाएंगे। यह योजना 2027 के पोंगल से शुरू करने की बात कही गई और इसके लिए करीब 2.5 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले पात्र परिवारों को शामिल किया गया है। इस तरह नवजातों को सोने की अंगूठी वाली योजना विजय सरकार की उन चुनावी घोषणाओं में शामिल हो गई है जिन पर सरकार बनने के बाद अमल शुरू किया गया है।
मदुरै में पांच स्तर की सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री के मदुरै दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए। रिपोर्टों के मुताबिक एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थलों तक पांच स्तर की सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा संभाली।
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योजना को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की कोशिश
सरकार की ओर से योजना को तमिलनाडु की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकारी आदेश में गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, मुफ्त प्रसव और नवजात देखभाल, आपात प्रसूति सेवाएं, पोषण सहायता और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया गया है। योजना के जरिए इन्हीं सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ लाभार्थियों को जोड़ने पर जोर है। सरकार ने पूरे वर्ष में करीब 4.41 लाख एक ग्राम, 22 कैरेट की अंगूठियों की जरूरत का अनुमान लगाया है। योजना के लिए तय बजट के तहत इनकी खरीद और वितरण की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के जरिए संभाली जाएगी। ‘थाई मामन थंगा मोथिरम’ योजना के लागू होने के साथ तमिलनाडु में सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र बच्चों के लिए एक नई सरकारी सहायता व्यवस्था शुरू हो गई है। आने वाले महीनों में इसका विस्तार और वितरण प्रक्रिया राज्य के अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आगे बढ़ेगी।




















