Peoples Update Special :स्वच्छता के लिए बच्चे बने पहरेदार, कचरा फेंकने वालों पर लगा रहे फाइन

पल्लवी वाघेला, भोपाल। बस्ती में गंदगी के कारण हम बच्चे सबसे ज्यादा बीमार होते थे। पहले तो हम नगर निगम को बुलाकर या कभी खुद मिलकर सफाई कर लेते थे, लेकिन इसके बाद भी लोग बस्ती में गंदगी करने से नहीं रूके। ऐसे में हमने खुद पहरेदारी की ठानी ताकि लोग गंदगी न करें। राजधानी की नया बसेरा बस्ती के बच्चे पूरी ऊर्जा के साथ यह कहते हैं। दरअसल, बस्ती के करीब 30 बच्चों ने अपनी बस्ती में स्वच्छता का जिम्मा उठाया है। उनकी मुहिम रंग लाई है और अब लोगों ने बस्ती में गंदगी करना बंद कर दिया है।
ऐसे मिली सफाई करने की प्रेरणा
बच्चों ने बताया कि स्कूल और बस्ती में आने वाली मुस्कान एनजीओ की दीदी हमेशा सेल्फ हाइजीन और स्वच्छता के बारे में बताती थीं। इसके बाद हमने बस्ती में देखा कि लोग जगह-जगह कचरा फेंक रहे हैं, कहीं भी गुटखा थूंक रहे हैं। तब सभी ने प्रण लिया कि बस्ती में सफाई रखनी है तो हमें ही पहरेदारी करनी होगी।
ऐसे उठाया सफाई का जिम्मा
- जहां गंदगी थी उन दीवारों को साफ कर पेंट किया
- दीवारों पर लिखा गंदगी करने पर लगेगा 50 रुपए जुर्माना
- गंदगी करने वाले 12 लोगों से जुमार्ना वसूला
- जुर्माना राशि से जरूरतमंद बच्चों के लिए स्टेशनरी खरीदी
कुछ ने डांटा, कुछ ने समझा
बच्चों ने बताया कि जो गंदगी करता था उस पर हम फाइन लगाते थे। इससे कुछ पेरेंट्स को दिक्कत थी। उन्हें यह लगता था कि बच्चे पढ़ने की बजाए फालतू के काम में समय दे रहे हैं। हालांकि, ऐसे पेरेंट्स की संख्या कम ही थी।
अब साफ-सफाई रहती है
जब हमारी बस्ती में गंदगी दिखती थी तो अच्छा नहीं लगता था। हम सफाई करते थे लेकिन लोग फिर गंदगी कर देते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होता अब साफ-सफाई रहती है।
गौरी पाल
बस्ती के लोग जागरूक हो गए हैं
अब बस्ती के लोग भी जागरूक हो गए हैं। बस्ती की महिलाएं भी ध्यान रखती हैं कि कोई ऐसा न करे वरना वो हमें बता देती हैं। दंड इसलिए लिया था ताकि लोग सफाई का महत्व समझ सकें।
जीनत खान
पहले लोग शिकायत करते थे
पहले तो लोग घर शिकायत लेकर पहुंच जाते थे कि आपके बच्चे दादागिरी कर रहे हैं, लेकिन धीरे-धीरे सब कहने लगे हैं कि सफाई रहती है तो अच्छा लगता है।
सुल्तान खान












