Raipur: रामगोपाल की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का हल्लाबोल, ED दफ्तर घेरा,भूपेश बघेल बोले- सरकार लौटी तो सबका हिसाब होगा

रायपुर: छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कार्रवाई को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित बताया।
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ED ने गिरफ्तार कर कोर्ट में किया पेश
छत्तीसगढ़ के कथित 3400 करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में ED ने रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। उन्हें 17 अगस्त को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।ED की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
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ED दफ्तर के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन

भूपेश बघेल का बड़ा बयान
प्रदर्शन के दौरान भूपेश बघेल ने सरकार को सीधे तौर पर घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार दोबारा सत्ता में आई तो मौजूदा कार्रवाई और उससे जुड़े पूरे मामले का हिसाब लिया जाएगा। बघेल ने रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी को राजनीतिक विद्वेषवश की गई कार्रवाई बताया।
रामगोपाल पर क्या हैं आरोप?
EOW के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल पर शराब घोटाले के साथ-साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े पैसों को ठिकाने लगाने में भूमिका होने के आरोप हैं। इन्हीं आरोपों से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं। ED की गिरफ्तारी के बाद मामले में पूछताछ का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
तीन साल तक रहे फरार, फिर किया सरेंडर
रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे। इसके बाद 8 जुलाई को उन्होंने EOW-ACB कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। सरेंडर के बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने 9 जुलाई को उन्हें 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उनकी कस्टडी आगे बढ़ाई गई और उन्हें 5 अगस्त तक EOW की हिरासत में रखा गया।
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भूपेश बघेल ने दूसरी बार की मुलाकात
रामगोपाल अग्रवाल से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुलाकात भी चर्चा में रही। 25 जुलाई को बघेल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद 11 अगस्त को भूपेश बघेल दूसरी बार कोर्ट पहुंचे और रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान बघेल ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला?
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच ED और ACB-EOW द्वारा की जा रही है। ED की ओर से ACB में दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक के कथित घोटाले का उल्लेख किया गया है।जांच एजेंसियों के अनुसार, तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं, अवैध वसूली और रकम के लेन-देन से जुड़ा एक नेटवर्क सक्रिय था। ED की जांच में तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर सहित कई लोगों की भूमिका की जांच की गई है।
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डुप्लीकेट होलोग्राम से शराब बिक्री का आरोप
ACB की जांच के अनुसार, वर्ष 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब दुकानों से कथित तौर पर डुप्लीकेट होलोग्राम लगी शराब की बिक्री किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस कथित व्यवस्था के चलते सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। मामले में अलग-अलग आरोपियों और संदिग्ध लेन-देन की जांच जारी है।












