Raipur: बिरगांव चुनाव का बिगुल बजा,40 वार्डों का आरक्षण तय, नेताओं की बढ़ी बेचैनी

प्रेम कुमार,रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगा हुआ धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के बिरगांव नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। 40 वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। 16 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने से कई नए चेहरे चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही निगम की सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए अपने-अपने स्तर पर सक्रिय हो गई हैं।
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वार्ड आरक्षण के बाद बदली चुनावी तस्वीर
बिरगांव नगर निगम चुनाव की तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच गई हैं। कलेक्टर के निर्देश पर लॉटरी पद्धति से 40 वार्डों का आरक्षण तय कर दिया गया है। आरक्षण सूची जारी होते ही उन दावेदारों की रणनीति बदल गई है जो लंबे समय से अपने वार्डों में चुनावी तैयारी कर रहे थे। कई वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने के बाद राजनीतिक दलों के सामने नए उम्मीदवारों की तलाश की चुनौती खड़ी हो गई है।
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महिला आरक्षण से बढ़ी सक्रियता
इस बार 16 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इससे महिला नेताओं और संभावित महिला प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। कई राजनीतिक परिवारों ने भी अपनी महिला सदस्यों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। आरक्षण के बाद बिरगांव के मोहल्लों और वार्डों में चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

भाजपा और कांग्रेस में टिकट की हलचल
वर्तमान में बिरगांव नगर निगम में कांग्रेस की महापौर परिषद है। आगामी चुनाव में भाजपा निगम की सत्ता हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगाने की तैयारी कर रही है। आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद दोनों प्रमुख दलों में टिकट वितरण को लेकर गतिविधियां बढ़ गई हैं। दावेदार अब संगठन और जनता दोनों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं।
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मतदाता सूची और मतदान केंद्रों की तैयारी
नगर निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वाशा ने बताया कि वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान केंद्रों का सत्यापन, मतदाता सूची का प्रकाशन और अन्य चुनावी प्रक्रियाएं निर्धारित समय के अनुसार पूरी की जाएंगी।
महापौर टिकट पर सामाजिक दावेदारी
महापौर पद को लेकर भी सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। देवांगन समाज ने महापौर पद के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने की रणनीति बनाई है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि निगम क्षेत्र में समाज की अच्छी संख्या है और यदि किसी दल द्वारा समाज को टिकट दिया जाता है तो उसका व्यापक समर्थन मिलेगा।
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स्थानीय मुद्दों पर होगी चुनावी जंग
बिरगांव के मतदाताओं के लिए सड़क, पानी, बिजली और सफाई जैसे बुनियादी मुद्दे सबसे अहम हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि जो दल इन समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देगा, उसे चुनाव में फायदा मिल सकता है। ऐसे में आरक्षण के बाद अब प्रत्याशी चयन के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों पर भी राजनीतिक दलों की रणनीति केंद्रित रहेगी।





















