बागेश्वर धाम दुष्कर्म मामले में MP हाईकोर्ट सख्त, SIT करेगी आरोपी और बच्ची के जैविक पिता की जांच

जबलपुर। छतरपुर के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पास किशोरी से दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की अदालत ने आरोपी राजू जाटव की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी। साथ ही कोर्ट ने छतरपुर एसपी को SIT गठित कर पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। SIT यह पता लगाएगी कि किशोरी के साथ दुष्कर्म किसने किया और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का जैविक पिता कौन है। अदालत ने जांच पूरी कर दो महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
आरोपी की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज
मामले में शिवपुरी निवासी राजू जाटव ने दूसरी बार जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। उसकी पहली जमानत अर्जी 30 जून 2026 को खारिज हो चुकी है। अभियोजन के मुताबिक, किशोरी घर से भागकर बागेश्वर धाम पहुंची थी। आरोप है कि आरोपी ने धाम के पास स्थित एक खेत में उसके साथ दुष्कर्म किया।
आरोपी ने घटनास्थल को लेकर उठाए सवाल
आरोपी की ओर से दलील दी गई कि जिस स्थान को घटनास्थल बताया गया है, वहां 24 घंटे पुलिस की निगरानी रहती है। इसलिए वहां इस तरह का अपराध होना संभव नहीं है। आरोपी की ओर से यह भी दलील दी गई कि उसके DNA का मिलान किशोरी के गर्भ में पल रहे भ्रूण के DNA से नहीं हुआ है। इसी आधार पर जमानत का लाभ देने की मांग की गई। सरकार की ओर से पैनल अधिवक्ता नमन मिश्रा ने पक्ष रखा।
ट्रायल में किशोरी ने आरोपी को पहचानने से किया इनकार
सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह तथ्य भी रखा गया कि ट्रायल कोर्ट में गवाह के रूप में पेश हुई किशोरी ने अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं किया। जिरह के दौरान किशोरी ने कहा कि आरोपी राजू जाटव ने उसके साथ दुष्कर्म नहीं किया था। इस स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि जब किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ है तो यह पता लगाना जरूरी है कि अपराध किसने किया।
कोर्ट ने SIT जांच के दिए निर्देश
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर एसपी को SIT गठित करने का निर्देश दिया है। SIT को दुष्कर्म के आरोपी की पहचान के साथ-साथ किशोरी के बच्चे के जैविक पिता का भी पता लगाना होगा। कोर्ट ने जांच रिपोर्ट दो महीने के भीतर पेश करने की मोहलत दी है।
आरोपी को क्यों नहीं मिली जमानत?
अदालत ने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि किशोरी ने पहले आरोपी राजू जाटव पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। इसके अलावा आरोपी की पत्नी की निशानदेही पर किशोरी को बरामद किया गया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत का लाभ देने से इनकार कर दिया और उसकी दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी।




















