20 दिन से स्वामित्व रजिस्ट्री ठप; पटवारियों के साथ तहसीलदारों ने भी हाथ खड़े किए, पीएस छुट्टी पर, नहीं बन पा रही बात

भोपाल। प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख से अधिक स्वामित्व अधिकार अभिलेखों की रजिस्ट्री करने के लिए पटवारी 20 दिन से कार्य नहीं करने पर अड़े हैं। शासन और पटवारियों के बीच चल रहे टकराव के बीच प्रमुख सचिव राजस्व ई. रमेश कुमार अवकाश पर चले गए हैं। वहीं पटवारी संघों का कहना है कि अधिकार अभिलेखों के निष्पादन का विरोध जारी रहेगा। इस टकराव से अबतक एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है। अब प्रदेश के तहसीलदार भी पटवारियों के समर्थन में उतर आए हैं।
पटवारी, आरआई और तहसीलदारों की मां
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल, प्रांतीय पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष अश्विन सैनी, राजस्व निरीक्षक (आरआई) संघ के प्रांताध्यक्ष हेमंत गोस्वामी और तहसीलदार संघ के नवीश कुम्हेकार ने मंगलवार को संयुक्त प्रेस वार्ता की। उन्होंने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 में पटवारी को निष्पादक (Executant) की भूमिका से अलग रखने की मांग उठाई। साथ ही राजस्व निरीक्षक संघ और तहसीलदार संघ को पंजीयक की भूमिका से पृथक रखे जाने की बात कही। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पटवारी स्वामित्व योजना के विरोधी नहीं हैं। सर्वेक्षण, स्थल सत्यापन, सीमांकन और अभिलेखीय जांच जैसे सभी मैदानी कार्यों में वे पहले की तरह सहयोग करते रहेंगे। आपत्ति केवल संपत्ति दस्तावेजों में निष्पादक के रूप में हस्ताक्षर कराए जाने पर है।
पीएस बोले-अभी मैं अवकाश में हूं
इधर, प्रमुख सचिव राजस्व ई रमेश कुमार से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि वे पिछले पांच दिन से अवकाश पर हैं, अभी अस्पताल में किसी काम से हूं। उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों की रजिस्ट्री नहीं होने के कारण में भी यही कहा कि-फिलहाल वे अवकाश पर हैं।
अब तक हो जाती 32 लाख रजिस्ट्रियां
राज्य शासन ने स्वामित्व अभियान के तहत 17 सितंबर से रजिस्ट्री किए जाने का अभियान प्रारंभ किया है लेकिन 20 दिन में एक भी नहीं हुई है। यह कार्रवाई निरंतर रहने पर अबतक 32 लाख से अधिक रजिस्ट्री हो सकती।
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