Bijapur:बीजापुर में अंग्रेजी शराब दुकान के विरोध में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, विधायक विक्रम मंडावी बोले- स्कूल बंद, शराब चालू

रायपुर/बीजापुर: बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के संगमपल्ली (मद्देड) गांव में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर दुकान हटाने की मांग की। प्रदर्शन में पहुंचे विधायक विक्रम मंडावी ने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार पर आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के बजाय शराब को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम संगमपल्ली (मद्देड) में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे और दुकान हटाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
ग्राम सभा की सहमति का मुद्दा
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान खोलने का फैसला ग्राम सभा की सहमति के बिना लिया गया है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की इच्छा के विरुद्ध यह निर्णय लिया जा रहा है, जिससे गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित होगा।
महिलाओं ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। उनका कहना है कि गांव में शराब दुकान खुलने से घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ेगी। महिलाओं ने कहा कि इसका सीधा असर खेती-किसानी और परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ेगा।

विधायक विक्रम मंडावी का समर्थन
ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देने विधायक विक्रम मंडावी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में शराब दुकानें खोलना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा, रोजगार और विकास पर ध्यान देना चाहिए, न कि गांवों में शराब उपलब्ध कराने पर।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार स्कूलों को बंद कर आदिवासी युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है। उनके अनुसार, जहां शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है, वहां सरकारी शराब दुकानें खोली जा रही हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा।
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित शराब दुकान को तत्काल हटाया जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।












