Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

चुनाव नियमों में बदलाव को लेकर हमलावर हुई कांग्रेस, खड़गे ने बीजेपी पर इलेक्शन कमीशन को कमजोर करने का लगाया आरोप,

Follow on Google News
चुनाव नियमों में बदलाव को लेकर हमलावर हुई कांग्रेस, खड़गे ने बीजेपी पर इलेक्शन कमीशन को कमजोर करने का लगाया आरोप,
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा चुनाव नियमों में बदलाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे चुनाव आयोग (ECI) की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बदलाव चुनावी पारदर्शिता को कमजोर करने और महत्वपूर्ण जानकारी को जनता से छिपाने के लिए किया गया है।

पारदर्शिता खत्म करने की कोशिश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को X  पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "पहले मोदी सरकार ने सीजेआई को चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाले पैनल से हटा दिया और अब चुनावी जानकारी को जनता से छिपाने का प्रयास कर रही है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब कांग्रेस ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने और ईवीएम में पारदर्शिता की मांग की, तो चुनाव आयोग ने अपमानजनक लहजे में जवाब दिया और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया।

क्या है चुनाव नियमों में बदलाव

20 दिसंबर को केंद्र सरकार ने द कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 के नियम 93(2)(A) में बदलाव किया। पहले यह नियम कहता था कि चुनाव से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होंगे, अब इसमें संशोधन कर इसे नियमानुसार सार्वजनिक करने की शर्त जोड़ दी गई है। बदलाव के बाद, पोलिंग स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज, वेबकास्टिंग रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होंगे। हालांकि, ये दस्तावेज उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहेंगे, जबकि अन्य लोगों को इन्हें प्राप्त करने के लिए अदालत का सहारा लेना होगा।

फेक नरेटिव रोकने के लिए बदलाव- चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और वेबकास्टिंग रिकॉर्डिंग जैसे दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से छेड़छाड़ और फर्जी नैरेटिव फैलने की संभावना है। एक अधिकारी ने कहा कि ये इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड ‘कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स’ के तहत नहीं आते, बल्कि पारदर्शिता के लिए होते हैं। ईसी ने यह भी स्पष्ट किया कि नामांकन फॉर्म, चुनाव एजेंट की नियुक्ति, रिजल्ट और इलेक्शन अकाउंट स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज ही सार्वजनिक किए जा सकते हैं।

कांग्रेस ने कहा- जल्द देंगे कानूनी चुनौती

नियम में बदलाव पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इसे चुनाव प्रक्रिया की सत्यनिष्ठा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग अब पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा को खत्म करने पर काम कर रहा है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को मानने की बजाय नियमों में बदलाव कर दिया गया। कांग्रेस इसे जल्द ही कानूनी चुनौती देगी।" ये भी पढ़ें- मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर यात्री बस में लगी आग, चंद मिनटों में जलकर हुई खाक, हादसे में कोई जनहानि नहीं
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

Latest Posts