
भोपाल। छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। छिंदवाड़ा लोस सीट झटकने के बाद भाजपा अब अमरवाड़ा सीट पर भी कमल खिलाने की रणनीति बनाने में जुट गई है। कांग्रेस की विधायकी छोड़कर कमलेश शाह ने भाजपा का दामन थाम लिया है। उपचुनाव में भाजपा ने शाह को ही उम्मीदवारी सौंपी है। अपना गढ़ (लोकसभा सीट) गंवा चुके पूर्व सीएम कमल नाथ के सामने अब अमरवाड़ा सीट बचाने की चुनौती है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संगठन महामंत्री हितानंद ने उपचुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की।
छिंदवाड़ा से नवनिर्वाचित सांसद बंटी साहू सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारियों ने तीन दिन पहले भोपाल आकर प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और सीएम से मुलाकात कर उपचुनाव को लेकर चर्चा की थी। लोस चुनाव के पहले कमलेश शाह ने भाजपा की सदस्यता लेकर विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। यहां उपचुनाव के लिए 10 जुलाई को मतदान है और 13 जुलाई को चुनाव का नतीजा आएगा। छह महीने पहले हुए आम चुनाव में इस सीट से भाजपा को 37 फीसदी, कांग्रेस को 48 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे।
गोंगपा है निर्णायक
भाजपा और कांग्रेस के अलावा अमरवाड़ा अंचल में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का भी प्रभाव है। इसलिए दोनों ही दल गोंगपा के वरिष्ठ नेताओं को साधने में जुटे हुए हैं। राजपरिवार के सदस्य कमलेश शाह और उनके परिवार का इस क्षेत्र में पारंपरिक रूप से अच्छा जनाधार बना हुआ है। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के दौरान अमरवाड़ा सीट पर भाजपा प्रत्याशी को करीब 15 हजार वोटों की बढ़त मिली थी। इसलिए भाजपा इस सीट पर जीत का परचम फहराने के लिए उत्साहित दिख रही है।
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