छोटे गांव से UN पीस मिशन तक पहुंचीं अनीता सिवडे, MP पुलिस ने दी भावुक विदाई

पांढुर्णा। पांढुर्णा की रक्षित निरीक्षक अनीता सिवडे के विदाई समारोह में भावुक और आत्मीय माहौल देखने को मिला। लंबे समय तक मध्य प्रदेश पुलिस में सेवाएं देने के बाद अब उन्हें संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत दक्षिण सूडान में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस विभाग में गर्व और खुशी का माहौल है।
2010 में सूबेदार के रूप में शुरू किया सफर
अनीता सिवडे मूल रूप से बैतूल जिले की मुलताई तहसील के ग्राम महतपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने वर्ष 2010 में मध्य प्रदेश पुलिस में सूबेदार के रूप में सेवा शुरू की थी। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्हें रक्षित निरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली। सेवाकाल के दौरान उन्होंने पांढुर्णा, छिंदवाड़ा और जबलपुर समेत कई स्थानों पर जिम्मेदारियां संभालीं। कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ काम करते हुए उन्होंने पुलिस विभाग में अपनी अलग पहचान बनाई।

रुस्तमजी अवार्ड और केंद्रीय गृहमंत्री पदक से सम्मानित
अनीता सिवडे की सेवाओं को अलग-अलग स्तरों पर सम्मान भी मिला। वर्ष 2025 में उन्हें रुस्तमजी अवार्ड और केंद्रीय गृहमंत्री पदक से सम्मानित किया गया। अब संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन-दक्षिण सूडान में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके सेवाकाल की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पुलिस परिवार ने दी भावुक विदाई
विदाई समारोह में पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोकामना प्रसाद, एसडीओपी बृजेश भार्गव समेत पुलिस विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने अनीता सिवडे को पुष्पगुच्छ और हार पहनाकर सम्मानित किया और उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह के दौरान पुलिस परिवार ने उनके साथ बिताए सेवाकाल की यादें भी साझा कीं। माहौल में एक ओर विदाई की भावुकता थी, तो दूसरी ओर इस बात का गर्व भी था कि मध्य प्रदेश पुलिस की एक अधिकारी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवाएं देने जा रही हैं।
परिवार भी इस उपलब्धि का हिस्सा
अनीता सिवडे के जीवनसाथी नेपाल सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनके दोनों बच्चे जहानवी और दिव्यांश भी उनकी इस गौरवपूर्ण यात्रा का हिस्सा हैं। एक छोटे से गांव से निकलकर मध्य प्रदेश पुलिस में सेवा देने और अब संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन तक पहुंचने का अनीता सिवडे का सफर उनके परिवार और पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय है।



















