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क्या लगने वाला है UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज? सरकार कर रही MDR लागू करने की तैयारी, फायदा होगा या नुकसान जानें क्या होगा असर

MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने पर दुकानदार से लिया जाता है। अगर सरकार इस MDR को लागू करती है, तो अपने बिजनेस में UPI इस्तेमाल करने के लिए टांजैक्शन पर चार्ज लग सकते हैं। जानें क्या है सरकार का नया नियम।
क्या लगने वाला है UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज? सरकार कर रही MDR लागू करने की तैयारी, फायदा होगा या नुकसान जानें क्या होगा असर
सरकारा के इस नियम में एक व्यक्ति से दूरसे व्यक्ति को किए जाने वाले पेमेंट की गीनती इस नियम में नहीं होगी।

सरकार 2,000 रुपये से अधिक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू करने की तैयारी कर रही है। जिसमें मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या चार्ज के तौर पर 0.25 प्रतिशत से 0.4 प्रतिशत तक की लेवी लगाने की मंजूरी दे सकती हैं। अगर यह नियम लागू होता है तो दुकानदारों, बैंकों और पेटीएम जैसी कंपनियों पर इसका बड़ा असर पड़ेगा। जानिए क्या है MDR।  

MDR के लिए बिल में क्या है प्रावधान?

सरकारा के इस नियम में एक व्यक्ति से दूरसे व्यक्ति को किए जाने वाले पेमेंट की गीनती इस नियम में नहीं होगी। हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल' पेश किया। उस बिल में एक ऐसा प्रावधान है जिससे भविष्य में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर MDR न लगाने की कानूनी रोक हटाई जा सकती है।

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क्या है MDR?

MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने पर दुकानदार से लिया जाता है। यह रकम बैंक, पेमेंट सर्विस देने वाली कंपनी और दूसरे संबंधित संस्थानों के बीच बांटी जाती है। यानी अगर कोई ग्राहक UPI से किसी दुकान पर भुगतान करता है, तो सामान्य स्थिति में MDR का भुगतान व्यापारी करता है। फिलहाल UPI पर यह चार्ज नहीं लगता, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन पर 15 से 30 बेसिस पॉइंट तक शुल्क लगाया जा सकता है।

हालांकि, फिलहाल डिजिटल के एप्स जैसे यूपीआई और रुपय डेबिट कार्ड पर MDR नहीं लगता है। सरकार के इस फैसले के बाद नए बिल में कानूनी प्रावधान को हटाने का प्रस्ताव रख रही है। जिसमें MDR लगाने पर रोक लगाया जाएगा।

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रोजर्मरा की खरीदारी पर नहीं पड़ेगा असर

अब MDR लगाए जाने पर लोगों के मन में सवाल उठने लगेगा की अब से UPI पर चार्ज लगने लगेगा, ऐसा बिल्कुल नहीं है। दरअसल, इसका सीधा मतलब यह है कि अगर भविष्य में कोई व्यापारी 2,000 से अधिक के बिजनेस में UPI पेमेंट पर MDR लागू भी होता है, तब भी ज्यादातर लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी पर इसका असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि UPI के करीब 95% ट्रांजैक्शन ₹2,000 या उससे कम के होते हैं. ₹2,000 से अधिक वाले ट्रांजैक्शन संख्या में केवल करीब 5% हैं लेकिन इनकी रकम बहुत बड़ी होती है. इसलिए कुल लेनदेन की वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी करीब 65% है. इसका मतलब है कि अगर आप दूध खरीदते हैं, सब्ज़ी लेते हैं, ऑटो या टैक्सी का किराया देते हैं, चाय, रेस्टोरेंट या छोटी-मोटी खरीदारी के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं तो आप पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

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