Oracle ने भारत में 3000 कर्मचारियों की छंटनी की, सेवरेंस पैकेज पर भी लिमिट

दिग्गज टेक कंपनी Oracle ने भारत में एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। इस बार कंपनी के Oracle Health, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और सेल्स जैसे विभागों में करीब 3,000 कर्मचारियों की नौकरी जाएगी। छंटनी के साथ कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को मिलने वाले सेवरेंस पैकेज की शर्तें भी तय कर दी हैं।
सेवरेंस पैकेज पर 26 हफ्तों की सीमा
रिपोर्ट के मुताबिक, Oracle ने कर्मचारियों के सेवरेंस पैकेज पर अधिकतम 26 हफ्तों यानी करीब छह महीने के बेसिक वेतन की सीमा तय की है। कंपनी के तय फॉर्मूले के अनुसार, कर्मचारी को नौकरी के पहले साल के लिए चार हफ्तों का मूल वेतन दिया जाएगा। इसके बाद कंपनी में बिताए गए हर साल के लिए एक अतिरिक्त हफ्ते के बेसिक वेतन का प्रावधान है। हालांकि, इस गणना के बावजूद किसी कर्मचारी को मिलने वाला सेवरेंस पैकेज अधिकतम 26 हफ्तों के बेसिक वेतन तक ही सीमित रहेगा।
अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शंस भी होंगे रद्द
छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों को सिर्फ सेवरेंस पैकेज की सीमा का सामना नहीं करना पड़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शंस रद्द कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, नौकरी से हटाए गए कर्मचारी भविष्य में मिलने वाले कॉर्पोरेट बोनस के भी हकदार नहीं होंगे। इस तरह छंटनी के बाद कर्मचारियों के लिए सेवरेंस के साथ-साथ स्टॉक ऑप्शंस और भविष्य के बोनस से जुड़े लाभ भी प्रभावित होंगे। Oracle की यह छंटनी भारत में कंपनी के कई अहम विभागों को प्रभावित करेगी। टेक सेक्टर में कंपनियों की ओर से लागत और कारोबार से जुड़े फैसलों के बीच यह कदम कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है।




















