FASTag चोरी हुआ तो क्या करें? बैंक से लेकर पुलिस तक जानें पूरी प्रक्रिया, बच सकता है पैसा

सोचिए, आपकी कार के साथ FASTag भी चोरी हो गया और कोई उससे टोल पेमेंट करने लगा! ऐसे में घबराने के बजाय तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाना चाहिए। FASTag गुम होने या चोरी होने पर उसे बंद कराना, बैंक को सूचना देना और जरूरत पड़ने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराना अहम है।
FASTag चोरी हो जाए तो क्या करें?
टोल पर बिना रुके निकलने की सुविधा देने वाला FASTag अगर चोरी हो जाए, तो परेशानी बढ़ सकती है। मान लीजिए आपकी कार चोरी हो गई या विंडस्क्रीन से FASTag निकाल लिया गया। ऐसे में कोई उस टैग का इस्तेमाल कर टोल पेमेंट कर सकता है। इसलिए देर किए बिना FASTag बंद कराना और संबंधित बैंक को जानकारी देना जरूरी है। आइए जानते हैं, FASTag चोरी या गुम होने पर कौन से कदम उठाने चाहिए।
FASTag चोरी होने पर सबसे पहले करें ब्लॉक
FASTag चोरी होने या गुम होने की जानकारी मिलते ही सबसे पहले उसे ब्लॉक कराने की कोशिश करें। इसके लिए अपने FASTag जारी करने वाले बैंक या वॉलेट की कस्टमर केयर सेवा से संपर्क करें। बैंक को टैग चोरी या गुम होने की जानकारी दें और उसे बंद करने की रिक्वेस्ट करें। अगर बैंक का नंबर याद नहीं है, तो FASTag से जुड़ी जानकारी उसके आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर मिल सकती है। NHAI की हेल्पलाइन 1033 पर भी FASTag से जुड़ी सहायता मांगी जा सकती है। हालांकि, टैग को ब्लॉक कराने के लिए अपने जारीकर्ता बैंक से संपर्क करना सबसे जरूरी कदम है।
ऐप से भी बंद कर सकते हैं FASTag
अगर कस्टमर केयर पर संपर्क करने में समय लग रहा है, तो बैंक या वॉलेट के आधिकारिक ऐप और पोर्टल पर भी विकल्प देख सकते हैं। लॉगिन करने के बाद FASTag सेक्शन में जाएं और टैग मैनेज करने, बंद करने या डीएक्टिवेट करने का विकल्प तलाशें। ऐप में दिए गए निर्देशों के अनुसार टैग गुम या चोरी होने की जानकारी भरकर रिक्वेस्ट दर्ज करें। अलग-अलग बैंकों के ऐप में विकल्पों के नाम और प्रक्रिया अलग हो सकती है, इसलिए स्क्रीन पर दिए निर्देश ध्यान से पढ़ें। टैग बंद करने की रिक्वेस्ट के बाद बैंक से पुष्टि जरूर लें कि FASTag ब्लॉक हो चुका है।
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पुलिस में शिकायत दर्ज कराना भी जरूरी
अगर आपकी कार चोरी हुई है या FASTag अलग से चोरी हुआ है, तो पुलिस को इसकी जानकारी दें और शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत की कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें। इससे घटना का रिकॉर्ड रहेगा और जरूरत पड़ने पर बैंक या संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने में मदद मिल सकती है। शिकायत में वाहन की जानकारी, FASTag से जुड़ी उपलब्ध डिटेल और चोरी की जानकारी साफ-साफ बताएं। अगर टैग से कोई ऐसी टोल कटौती होती है जिसे आप नहीं पहचानते, तो उसकी जानकारी भी बैंक को दें। बैंक से ट्रांजैक्शन की जांच और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पूछें।
नया FASTag लेने से पहले पुराने टैग का स्टेटस जांचें
पुराना FASTag बंद होने के बाद नया टैग जारी कराने के लिए अपने बैंक से संपर्क करें। बैंक आपको आगे की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के बारे में बताएगा। नया FASTag एक्टिवेट होने के बाद उसके सही वाहन से जुड़े होने की जानकारी भी जांच लें। पुराने FASTag में बची रकम के बारे में बैंक से पूछें। NHAI की FAQ के मुताबिक, खोए हुए टैग को ब्लॉक कराने और नया खाता लेने के बाद जारीकर्ता एजेंसी पुराने खाते की बची रकम नए खाते में ट्रांसफर कर सकती है। हालांकि, रकम लौटाने या ट्रांसफर करने की प्रक्रिया बैंक और खाते की स्थिति के अनुसार हो सकती है, इसलिए इसकी पुष्टि संबंधित बैंक से जरूर करें।
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FASTag से जुड़ी ये सावधानियां भी रखें
FASTag चोरी होने पर सबसे अहम बात है कि तुरंत बैंक को सूचना दें और टैग बंद कराने की पुष्टि लें। अपने FASTag से जुड़े मोबाइल नंबर और वाहन की जानकारी अपडेट रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर बैंक आपसे संपर्क कर सके। टोल पेमेंट के SMS और खाते की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री पर भी नजर रखें। अगर आपकी कार ही चोरी हुई है, तो FASTag के साथ वाहन चोरी की शिकायत भी पुलिस में दर्ज कराएं। किसी अनजान कॉल पर OTP, बैंक पासवर्ड या UPI PIN साझा न करें। FASTag की समस्या के लिए हमेशा अपने बैंक या आधिकारिक हेल्पलाइन से ही संपर्क करें।




















