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उभरते कोरियोग्राफर्स ने जयदेव गोस्वामी के महाकाव्य गीत गोविंद को बैले में किया प्रस्तुत

चैतन्य सोशयो कल्चर सोसायटी द्वारा ‘कृष्णा-विष्णु अवतार’ पर बैले प्रस्तुति
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उभरते कोरियोग्राफर्स ने जयदेव गोस्वामी के महाकाव्य गीत गोविंद को बैले में किया प्रस्तुत

चैतन्य सोशयो कल्चर सोसायटी द्वारा नृत्य नाटिका कृष्णा: विष्णु अवतार का मंचन रविवार को गांधी भवन में किया गया। इस नाटक को कलाकारों के साथ वर्कशॉप में तैयार किया गया था। इस बारे में नाट्य निर्देशक डॉ. श्रुति कीर्ति माधव ने बताया कि कृष्णा नृत्य नाटिका में मैंने विभिन्न शास्त्रीय नृत्य मुद्राओं और बैले के मूवमेंट्स का प्रयोग करके कृष्ण के दस अवतारों को दर्शाने का प्रयास किया। खास बात यह रही कि युवा पीढ़ी की प्रतिभा को उजागर करने के लिए कोरियोग्राफी की जिम्मेदारी सुमन कोठारी और मनीषा हुराईया कौ सौंपी। इसमें से कई नए कलाकार थे, जिन्हें कुछ नया करने की ललक थी।

हमने वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को बैले एक्सरसाइज, कोरियोग्राफी, मूवमेंट्स, बैले में विभिन्न प्रॉप्स का उपयोग करना सिखाया था। कॉस्ट्यूम की बात करें तो प्रभाव पैदा करने के लिए चटक रंगों के परिधान कलाकारों ने पहने। मेकअप और पौराणिक साज-सज्जा कलाकारों द्वारा ही की गई। वर्कशॉप के माध्यम से जो भी प्रतिभागियों ने सीखा उसे संगठित करके मंचित किया।

भगवान कृष्ण के विश्वरूप को दिखाया

कृष्णा, संस्कृत के महाकवि जयदेव के महाकाव्य गीत गोविंद में वर्णित कृष्ण अवतारों पर केंद्रित लघु नाटिका है। नृत्य नाटिका की शुरुआत में अवतारों से जुड़ा संक्षिप्त विवरण दिया गया। इसमें कृष्ण का विश्वरूप दिखाया गया जिसमें वे अर्जुन को गीता का उपदेश दे रहे हैं। वे कहते हैं, कि पृथ्वी के समस्त प्राणियों में वे ही समाहित हैं।

मैंने दशावतार स्त्रोतम से ली बैले की प्रेरणा

बैले में हमने ढाल, तलवार, गदा शंख, चक्र, धनुष व त्रिशूल आदि प्रॉप्स का इस्तेमाल किया। कृष्ण के विश्वरूप और समस्त अवतारों को कवि जयदेव गोस्वामी के दशावतार स्त्रोतम एवं श्रुति-धर्मेश द्वारा कंपोज किए संगीत के कुछ अंश प्रयुक्त कर कोरियोग्राफ किया। नृत्य नाटिका में बैले के पारंपरिक मूवमेंट्स के साथ समकालीन नृत्य भी शामिल किए गए, ताकि यह कंटेपरेरी प्रस्तुति भी लगे। -सुमन कोठारी, कोरियोग्राफर

साइंस की छात्रा लेकिन कथक व थिएटर में रुचि

मैं साइंस की स्टूडेंट रही हूं लेकिन पिछले 6 साल से अपने गुरु चंद्र माधव बारिक से छाऊ और बैले की शिक्षा प्राप्त कर रही हूं। वर्तमान में गुरु प्रियंका जोशी से कथक की शिक्षा भी प्राप्त कर रही हूं। मैंने कई बैले प्रस्तुतियों में सहभागिता की है। मुझे इस नृत्य नाटिका को कोरियोग्राफ करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। मैंने इससे पहले मीरा एक भक्ति गाथा बैले का भी निर्देशन किया है। -मनीषा हुराईया, कोरियोग्राफर

Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

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