
पटना। बिहार लोकसेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर पटना में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। री-एग्जाम की मांग को 13 दिनों से कैंडिडेट्स का धरना दे रहे हैं। वहीं अभ्यर्थियों के समर्थन में लेफ्ट और RJD ने आरा और दरभंगा में ट्रेनों को रोका है। इंजन पर खड़े होकर छात्र संगठन के कार्यकर्तओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एग्जाम दोबारा कराने की मांग की।
छात्र संगठनों ने आरा, बोतिया और समस्तीपुर में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने समस्तीपुर-पटना रोड को जाम कर दिया। इस प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाइए) शामिल है।
BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज
पटना में रविवार (29 दिसंबर) को बीपीएससी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर गांधी मैदान से सचिवालय की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत करना चाहते हैं। इस दौरान बिहार पुलिस ने कई स्तर पर बैरिकेडिंग की, लेकिन अभ्यर्थियों ने बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। जेपी गोलंबर पहुंचने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और अभ्यर्थियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान ठंड के मौसम में अभ्यर्थी भीगते हुए भी तिरंगा लेकर विरोध प्रदर्शन करते रहे।
प्रशांत किशोर से नाराज क्यों हैं अभ्यर्थी
रविवार देर रात, बिहार के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर, जो अब सामाजिक और राजनीतिक मामलों में सक्रिय हैं, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अभ्यर्थियों से मिलने के लिए गर्दनीबाग पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अभ्यर्थियों से संवाद करते हुए कहा, “हम से कंबल मांगते हो और हम ही से नेतागिरी कर रहे हो।” यह टिप्पणी अभ्यर्थियों को नागवार गुजरी और वे भड़क गए। अभ्यर्थियों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आप यहां से चले जाइए, पिटवाने के बाद क्यों आए हैं।”
दरअसल, शनिवार को प्रशांत किशोर ने अभ्यर्थियों को समर्थन देने का वादा करते हुए कहा था, “अगर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो पहली लाठी मैं खाऊंगा।” लेकिन रविवार को, जब पुलिस ने लाठीचार्ज की धमकी दी, तब प्रशांत किशोर घटनास्थल से पहले ही निकल गए, जिससे उनका कथन और भी विवादों में आ गया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने “पीके गो बैक” (प्रशांत किशोर वापस जाओ) के नारे लगाए और प्रशांत किशोर से तीखी बहस हुई।
छात्रों के सपोर्ट में आईं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने पटना में आंदोलन करने रहे बीपीएससी अभ्यर्थियों का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘बिहार में तीन दिन के अंदर दूसरी बार छात्रों पर अत्याचार किया गया। परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, धांधली, पेपर लीक रोकना सरकार का काम है लेकिन भ्रष्टाचार रोकने की जगह छात्रों को आवाज उठाने से रोका जा रहा है। इस कड़ाके की ठंड में युवाओं पर पानी की बौछार और लाठी चार्ज करना अमानवीय है। भाजपा का डबल इंजन युवाओं पर डबल अत्याचार का प्रतीक बन गया है।’
क्या हैं छात्रों की मांगें
अभ्यर्थी बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि हाल ही में हुई परीक्षा में कई खामियां थीं और इसे दोबारा आयोजित किया जाना चाहिए। वहीं, बीपीएससी केवल उन केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराने को तैयार है, जहां गड़बड़ी की शिकायतें दर्ज की गई थीं।
BPSC अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
- एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को रद कर नए सिरे से आयोजन किया जाए।
- प्रश्न पत्र की तैयारी से लेकर परीक्षा आयोजित कराने की पूरी प्रक्रिया की गहन जांच हो।
- प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए एसओपी बने, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी नहीं हो।
आंदोलन को मिल रहा है समर्थन
AISA और भाकपा ने 30 दिसंबर को बिहार बंद और चक्का जाम का ऐलान किया है। प्रशांत किशोर ने छात्रों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखें। सरकार के साथ बातचीत की पहल के बाद ही आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
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