Bilaspur News:एनएच पर टूटी रेलिंग बनी जानलेवा, दो युवकों के शरीर में घुसा सात फीट लंबा लोहे का पाइप; ठेकेदार और जिम्मेदार एजेंसियों की लापरवाही पर उठे सवाल

बिलासपुर: बिलासपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर की क्षतिग्रस्त लोहे की रेलिंग से टकरा गई। हादसा इतना भयावह था कि करीब सात फीट लंबा लोहे का पाइप दो युवकों के पेट के आर-पार हो गया। तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि सड़क सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
बिलासपुर कानन पेंडारी से करीब 200 मीटर पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार रात लगभग 10:50 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार सीजी 28 S 8172 नंबर की बाइक पर जरहागांव के ग्राम पेंड्रीडीह निवासी प्रियांशु ज्ञानिक (24), वेदांत जॉन (22) और अब्राहम जॉन मुंगेली की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार बाइक की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटा थी। मोड़ पर संतुलन बिगड़ने के बाद बाइक सीधे क्षतिग्रस्त डिवाइडर रेलिंग से टकरा गई।
लोहे का पाइप पेट के आर-पार
टक्कर इतनी भीषण थी कि रेलिंग का करीब दो इंच मोटा और सात फीट लंबा लोहे का पाइप दो युवकों के शरीर में घुस गया। वेदांत जॉन ने हिम्मत दिखाते हुए खुद ही पाइप बाहर निकाल लिया, जबकि प्रियांशु ज्ञानिक के पेट में पाइप फंसा रहा। तीसरे युवक अब्राहम जॉन को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
राहगीरों ने बचाई जान
हादसे के तुरंत बाद राहगीर गजेंद्र ठाकुर ने रात 11:08 बजे डायल-112 को सूचना दी। करीब पांच मिनट के भीतर पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को पहले सिम्स अस्पताल ले जाया गया। बाद में प्रियांशु की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे अपोलो अस्पताल ले गए, जहां उसका ऑपरेशन किया गया। तखतपुर एसडीएम नितिन तिवारी ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को अस्पताल भेजा।
टूटी रेलिंग पर नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों के अनुसार सकरी-तखतपुर फोरलेन के करीब एक किलोमीटर हिस्से में डिवाइडर की रेलिंग पहले से चोरी हो चुकी है। रेलिंग हटने के बाद सड़क पर बचे नुकीले लोहे के पाइप लंबे समय से खुले पड़े हैं। आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्रबंधन, निर्माण एजेंसी और संबंधित जिम्मेदार विभाग ने इन्हें हटाने या सुरक्षित करने की कोई कार्रवाई नहीं की।
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लापरवाही पर उठे बड़े सवाल
इस हादसे ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि क्षतिग्रस्त रेलिंग और खुले लोहे के पाइप समय रहते हटाए गए होते तो संभवतः इतना भयावह हादसा टाला जा सकता था। अब जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।












