Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Teacher’s Day : छा गईं ‘अहा टमाटर बड़े मजेदार’ वाली टीचर मैम, ‘गुड टच एंड बैड टच’ फेम के लिए बिहार से मिला सम्मान

Teacher’s Day : छा गईं ‘अहा टमाटर बड़े मजेदार’ वाली टीचर मैम, ‘गुड टच एंड बैड टच’ फेम के लिए बिहार से मिला सम्मान
बांका। जीवन में अच्छे टीचरों का मिलना किसी सौभाग्य से कम नहीं होता है। एक अच्छा टीचर सिर्फ ज्ञान और स्किल्स ही नहीं सिखाता बल्कि सही गाइडेंस, मोटिवेशन और कॉन्फिडेंस भी देता है। बिहार की ऐसी ही एक टीचर खुशबू बच्चों को मोहक और क्रिएटिव अंदाज में पढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अनोखे अंदाज में नन्हें बच्चों को ‘गुड टच एंड बैड टच’ का फर्क समझाया। इस पहल के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें सम्मानित किया। उनके पढ़ाते हुए क्रिएटिव अंदाज के वीडियो सोशल मीडिया पर कई बार वायरल हो चुके हैं। देखें VIDEO...

बच्चों को अनूठे ढंग से समझाया

समाज में बच्चों के यौन शोषण और छेड़छाड़ की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं। ऐसी घटनाओं के शिकार बच्चे इन बातों को अपने पैरेंट्स से शेयर नहीं कर पाते। कभी-कभी पैरेंट्स को यह बातें पता चलने में बहुत देर हो जाती है। ऐसे में बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच’ सिखाने के लिए खुशबू ने अनूठी पहल की। वो प्रैक्टिकल के जरिए बच्चों को इस बारे में बताती दिखती हैं। देखें VIDEO... वह बच्चों को सिखाती हैं कि कोई भी गलत तरीके से छुए तो इसकी शिकायत तुरंत अपने पैरेंट्स या टीचर्स से करें। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुए हैं। इससे समाज में बच्चों के साथ-साथ ऐसे अभिभावक भी जागरुक हो रहे हैं जिन्हें ‘गुड टच एंड बैड टच’ विषय में कम जानकारी हैं। देखें VIDEO...

क्रिएटिव तरीके से सिखा चुकी हैं वर्णमाला

कुछ दिन पहले बच्चों को हिंदी वर्णमाला सिखाते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें वो बहुत क्रिएटिव तरीके से बच्चों को वर्णमाला और मात्राओं का ज्ञान दे रही थीं। वीडियो को X पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा- मात्रा का ज्ञान, बच्चों की समझ बेहतर तरीके से विकसित हो इसके लिए हमें भी कभी-कभी बच्चा बनना पड़ता है और बच्चा बनकर बच्चों को पढ़ाना व सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में मदद करना अत्यंत ही आनंद की अनुभूति देता है। देखें VIDEO... ये भी पढ़ें- Teacher’s Day 2024 : डॉ. राधाकृष्णन की पहली सैलरी थी सिर्फ 17 रुपए, 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

Latest Posts