MP Farmers Protest:सरकार के भरोसे के बाद खत्म हुआ किसानों का आंदोलन, कई मांगों पर बनी सहमति!

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले कई दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन कर रहे किसानों और राज्य सरकार के बीच लंबी बातचीत के बाद कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। सरकार ने मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद बढ़ाने और खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का भरोसा दिया। इन आश्वासनों के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। आंदोलन समाप्त होने के साथ ही भोपाल की सड़कों पर डटे किसान अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे।
मूंग की खरीदी बना आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा
इस आंदोलन की शुरुआत मूंग की सरकारी खरीद को लेकर हुई थी। किसानों का कहना था कि इस बार मूंग का उत्पादन काफी अधिक हुआ है, लेकिन सरकार सीमित मात्रा में ही खरीद कर रही थी। इसकी वजह से बड़ी संख्या में किसानों को अपनी उपज बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ रही थी। किसानों ने मांग की कि अधिक से अधिक उपज एमएसपी पर खरीदी जाए ताकि उन्हें उचित दाम मिल सके।
खाद की ई-टोकन व्यवस्था पर भी था किसानों का विरोध
किसानों की दूसरी बड़ी मांग खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को लेकर थी। उनका कहना था कि इस व्यवस्था के कारण समय पर खाद नहीं मिल रही थी और खेती के काम प्रभावित हो रहे थे। सरकार ने बातचीत के दौरान इस व्यवस्था को तुरंत समाप्त करने का फैसला लिया। इसके बाद किसानों ने इसे अपनी बड़ी जीत माना।
तीन दिनों तक चलता रहा आंदोलन
आंदोलन की शुरुआत 27 जुलाई को नर्मदापुरम से किसान क्रांति पदयात्रा के साथ हुई थी। करीब दो हजार किसान पैदल भोपाल के लिए निकले थे। उनके साथ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में जरूरी सामान भी था। रास्ते में कई जगह पुलिस ने बैरिकेड लगाए, लेकिन किसान आगे बढ़ते रहे। 28 जुलाई को वे भोपाल की सीमा तक पहुंच गए और शहर में प्रवेश नहीं मिलने पर वीर सावरकर सेतु के पास धरने पर बैठ गए। अगले दिन भी प्रदर्शन जारी रहा और किसानों ने सड़क पर ही भोजन बनाकर अपना विरोध जारी रखा।
बातचीत के बाद निकला समाधान
सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी लेकिन लगातार संवाद के बाद सरकार ने मूंग की खरीद बढ़ाने, खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने और किसानों की अन्य मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया। इन आश्वासनों के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
सरकार के फैसले पर अलग-अलग राय
आंदोलन खत्म होने से पहले किसानों के बीच सरकार के प्रस्ताव को लेकर अलग-अलग राय भी देखने को मिली। कुछ किसान सरकार के बढ़ी हुई खरीदी के फैसले से संतुष्ट थे, जबकि कुछ किसान पूरी उपज MSP पर खरीदने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि अंत में संगठन ने सामूहिक रूप से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
शहरवासियों को भी मिली राहत
कई दिनों से आंदोलन के कारण भोपाल के कई प्रमुख रास्तों पर यातायात प्रभावित हो रहा था। सुरक्षा के लिए कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्ते भी बंद कर दिए गए थे। आंदोलन खत्म होने के बाद अब शहर में सामान्य स्थिति लौटने लगी है और लोगों ने भी राहत की सांस ली है।











