भिंड में पिता ने ही 3 लाख की सुपारी देकर बेटे की कराई हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार
भिंड। जिस पिता से बेटे की जिंदगी संवारने की उम्मीद की जाती है, उसी ने उसकी मौत का सौदा कर डाला। बेटे की नशे की लत और घरेलू विवादों से परेशान होकर पिता ने कथित तौर पर तीन लाख रुपए की सुपारी देकर उसकी हत्या करा दी।
ग्वालियर के नशामुक्ति केंद्र से बेटे को डिस्चार्ज कराया और सिरोल तिराहे पर पहले से मौजूद तीन सुपारी किलरों के हवाले कर दिया। आरोपियों ने चलती कार में रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद करीब 80 किलोमीटर तक शव को कार में लेकर घूमते रहे।
पहचान छिपाने के लिए शव को बोरे में बंद कर नमक और डिटर्जेंट डाला और भिंड में फेंककर फरार हो गए। मानपुरा रोड पर मिले युवक के शव के इस अंधे कत्ल का देहात थाना पुलिस ने खुलासा करते हुए पिता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बोरे में बंद शव ने खोली वारदात की परतें
26 और 27 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात पुलिस को ग्राम मानपुरा में सिद्धेश्वर गार्डन के पास उमरी रोड स्थित एक खंती में काला बोरा पड़ा होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बोरा खुलवाया तो उसमें एक युवक का शव मिला।
मृतक के हाथ-पैर और गर्दन रस्सी से बंधे हुए थे। शरीर पर चोटों के निशान थे। शव पर नमक और डिटर्जेंट भी डाला गया था, ताकि पहचान छिपाई जा सके और शव जल्दी गल जाए। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं होने से पुलिस के सामने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने की चुनौती थी।
सीसीटीवी फुटेज से अर्टिगा कार तक पहुंची पुलिस
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच के दौरान संदिग्ध अर्टिगा कार सामने आई।
पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगाया। उत्तर प्रदेश के उरई निवासी वाहन मालिक से पूछताछ में जानकारी मिली कि कार किराए पर दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ की तो हत्या की साजिश का खुलासा हो गया।
पिता ने किराएदार के साथ रची साजिश
पुलिस के अनुसार, मृतक रईस उर्फ शानू अंसारी नशे का आदी था। उसकी आदत और घरेलू विवादों से परेशान होकर पिता रशीद अंसारी ने हत्या की योजना बनाई। इसमें घर में रहने वाले किराएदार गुड्डू उर्फ अमजद खान को शामिल किया गया। गुड्डू ने अपने दो अन्य साथियों मोहम्मद इजराइल खान और मुन्ना उर्फ सानू खान को भी साजिश में जोड़ लिया। तीनों को हत्या के बदले एक-एक लाख रुपए देने का सौदा तय हुआ था। इस तरह कुल तीन लाख रुपए की सुपारी दी गई।
नशामुक्ति केंद्र से निकलवाकर हत्यारों को सौंपा
योजना के मुताबिक, 26 अक्टूबर को तीनों आरोपी किराए की अर्टिगा कार लेकर ग्वालियर पहुंचे। दूसरी ओर पिता रशीद अंसारी भी बस से ग्वालियर पहुंचा। उसने मंथन नशामुक्ति केंद्र से बेटे को डिस्चार्ज कराया और सिरोल तिराहे पर ले जाकर कार सवार तीनों आरोपियों के हवाले कर दिया। इसके बाद पिता बस से वापस लौट आया। परिजनों को गुमराह करने के लिए उसने बेटे के रेलवे स्टेशन से भाग जाने की कहानी भी सुना दी।
शव ठिकाने लगाने के लिए अपनाया तरीका
पुलिस के मुताबिक, कार सवार तीनों आरोपियों ने रास्ते में रस्सी से गला घोंटकर रईस की हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में रखकर करीब 80 किलोमीटर तक घूमते रहे। बाद में शव को प्लास्टिक की बोरी और तिरपाल में लपेटा। पहचान छिपाने और शव को जल्दी गलाने के इरादे से नमक और डिटर्जेंट डाला। इसके बाद मानपुरा क्षेत्र में सिद्धेश्वर गार्डन के पास खंती में शव फेंककर फरार हो गए।
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पिता सहित 4 गिरफ्तार, डेढ़ लाख नकद बरामद
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के उरई में दबिश देकर पिता रशीद अंसारी सहित गुड्डू उर्फ अमजद खान, मोहम्मद इजराइल खान और मुन्ना उर्फ सानू खान को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल अर्टिगा कार और सुपारी की रकम में से डेढ़ लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, तीन लाख रुपये में हत्या का सौदा तय हुआ था। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में देहात थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक वैभव तोमर, नागेश शर्मा, अजय यादव और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

























