सेमरादांगी में गैरहाजिर अफसरों पर भड़के विधायक सुदेश राय, बोले-एक चिट्ठी सीएम को लिखूंगा, दूसरी बर्खास्तगी की आएगी

सीहोर। सेमरादांगी में शुक्रवार को आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम में उस समय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठे, जब ग्रामीणों की समस्याएं सुनने पहुंचे विधायक सुदेश राय को कुछ महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिले। विद्युत विभाग कंपनी और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर विधायक ने नाराजगी जताई और मौके से ही एसडीएम तन्मय वर्मा को कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक सुदेश राय ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार खुद उनके गांव तक पहुंच रही है। ऐसे में संबंधित विभाग के अधिकारियों का कार्यक्रम से नदारद रहना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के काम में लापरवाही सामने आने पर वह मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
कार्यक्रम में अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर नाराज हुए विधायक
सेमरादांगी में आयोजित 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को उनके गांव में ही सुनना और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में उनका समाधान कराना था। कार्यक्रम में ग्रामीण अपनी अलग-अलग समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान विधायक सुदेश राय को पता चला कि विद्युत विभाग कंपनी और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद नहीं हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि जब ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर आए हैं और सरकार की ओर से उनकी शिकायतें सुनने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया है, तो संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी भी जरूरी है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने की हिदायत दी और गैरहाजिर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
'कामचोरी बर्दाश्त नहीं होगी'
विधायक सुदेश राय ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों, गरीबों और मजदूरों की सरकार है। उन्होंने कहा कि यह पहले की सरकार नहीं है, जिसमें जनता को अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया जाता था। उन्होंने अधिकारियों को संदेश देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और जनता से जुड़े कामों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका समाधान कराने के लिए काम करें। विधायक के इस रुख के बाद कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
'एक चिट्ठी सीएम को, दूसरी बर्खास्तगी की'
विधायक सुदेश राय ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जनता के काम में लापरवाही सामने आती है तो वह मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि एक चिट्ठी सीएम को लिखूंगा, बर्खास्तगी की दूसरी चिट्ठी आएगी। विधायक ने यह बात अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के संदर्भ में कही। उनका कहना था कि जनता से जुड़े कामों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के काम में किसी तरह की देरी या लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
एसडीएम तन्मय वर्मा को कार्रवाई के निर्देश
विद्युत विभाग कंपनी और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिकारियों के कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहने पर विधायक ने मौके से ही एसडीएम तन्मय वर्मा को कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि सरकार ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए उनके गांव तक पहुंच रही है। ऐसे में जिन विभागों से ग्रामीणों की समस्याएं जुड़ी हैं, उनके अधिकारियों का कार्यक्रम में मौजूद रहना जरूरी है। अगर अधिकारी ही मौजूद नहीं होंगे तो शिकायतों का समाधान कैसे होगा। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का फायदा ग्रामीणों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं को दूर करने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान विधायक सुदेश राय ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को खुलकर सामने रखें। ग्रामीणों ने अलग-अलग विभागों से जुड़ी अपनी शिकायतें और परेशानियां अधिकारियों के सामने रखीं। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने और उनके निराकरण की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में कई समस्याओं का समाधान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच आपसी सहमति से मौके पर ही कराने की कोशिश की गई। 'सरकार आपके द्वार' अभियान के तहत ग्रामीणों को यह सुविधा देने का प्रयास किया गया कि उन्हें अपनी समस्या लेकर बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित विभाग के अधिकारी गांव में ही लोगों की शिकायत सुनें और उसके समाधान की प्रक्रिया शुरू करें।
सोहागपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 25 क्वार्टर देशी शराब जब्त; तीन आरोपी गिरफ्तार
ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी
कार्यक्रम में विधायक सुदेश राय ने ग्रामीणों को केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया। विधायक ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी लें और पात्र होने पर उनका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सीताराम यादव, सेमरादांगी ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे गांव में सुनना और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मदद से उनका समाधान कराना था। हालांकि, महत्वपूर्ण विभागों के कुछ अधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर विधायक की नाराजगी इस कार्यक्रम का प्रमुख मुद्दा बन गई। विधायक सुदेश राय ने अपने तेवरों से यह स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े कामों में लापरवाही को लेकर वह अधिकारियों से जवाबदेही की मांग करेंगे।





















