बंगाल में भाजपा सरकार की नई शुरुआत!35 नए चेहरों के साथ मजबूत होगी मुख्यमंत्री सुवेंदु की टीम

कोलकाता। आज कोलकाता में 35 नए विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। यह शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित हुआ, जहां राज्यपाल आर.एन. रवि ने सभी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन नामों को पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बाद अंतिम रूप दिया गया था। शपथ के बाद जल्द ही विभागों के बंटवारे की घोषणा होने की संभावना है।
लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
लोक भवन में हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत बड़े स्तर पर की गई। सबसे पहले अर्जुन सिंह, तापस रॉय, शरदवत मुखर्जी, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और शंकर घोष ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद दूसरे चरण में दीपक बर्मन, मनोज उरांव और गौरी शंकर घोष ने शपथ ग्रहण की। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल देखने को मिली।
कई नेताओं को मिला मंत्री पद
इस विस्तार में स्वपन दासगुप्ता, दुध कुमार मंडल, जोएल मुर्मू, अशोक डिंडा और आनंदमय बर्मन जैसे नेताओं को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कौशिक चौधरी, गार्गी दास घोष, भास्कर भट्टाचार्य, दिबाकर घरामी और सुमना सरकार ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।
ये भी पढ़ें: TMC-BJP कार्यकर्ताओं के बीच बवाल! सांसद कल्याण बनर्जी घायल, पुलिस स्टेशन के बाहर जमकर हंगामा
स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री भी शामिल
इस विस्तार में कुछ नेताओं को स्वतंत्र प्रभार भी दिया गया है। मालती रमा रॉय, राजेश महतो और इंद्रनील खान ने स्वतंत्र मंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही शांतनु प्रामाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती और उमेश राय जैसे नेताओं को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है।
41 मंत्रियों तक पहुंचा मंत्रिमंडल
35 नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद राज्य मंत्रिमंडल में कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि आगे कुछ और मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है, क्योंकि संवैधानिक सीमा के अनुसार विधानसभा के कुल सदस्यों के अनुपात में मंत्रियों की संख्या तय होती है।
आगे विभागों के बंटवारे की तैयारी
शपथ ग्रहण के बाद अब सभी की नजर विभागों के बंटवारे पर है। संभावना है कि आज ही नए मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए जाएं।
ये भी पढ़ें: Abhishek Banerjee: सोनारपुर में हमले के बाद अभिषेक बनर्जी अस्पताल में भर्ती, मिलने पहुंचीं ममता बनर्जी
कर्मचारियों से जुड़ी बैठक की संभावना
शपथ ग्रहण के बाद एक महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है जिसमें सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसमें महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाओं को लेकर बातचीत की संभावना जताई जा रही है।











