CG NEWS: बस्तर पुलिस कार्यालय में 3.54 करोड़ का वेतन घोटाला: वेतन शाखा के 3 कर्मचारी गिरफ्तार, ऑडिट में खुला बड़ा फर्जीवाड़ा

PREM KUMAR RAIPUR। छत्तीसगढ़ के बस्तर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में करोड़ों रुपये के वेतन घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में करीब 3 करोड़ 54 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। आरोप है कि वेतन शाखा, स्थापना शाखा और ट्रेजरी से जुड़े तीन कर्मचारियों ने वर्ष 2023 से पुलिस कर्मियों के वेतन में हेरफेर कर रकम अपने खातों और अन्य खातों में ट्रांसफर की। विशेष ऑडिट सॉफ्टवेयर से फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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बस्तर पुलिस कार्यालय में करोड़ों का वेतन घोटाला उजागर
बस्तर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सामने आए इस वेतन घोटाले ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। प्रारंभिक जांच में करीब **3 करोड़ 54 लाख रुपये** के गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने वेतन शाखा से जुड़े तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
दो साल तक वेतन में करते रहे हेरफेर
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2023 से लगातार कर्मचारियों के वेतन बिलों में छोटी-छोटी रकम की हेराफेरी की जा रही थी। यही छोटी कटौतियां समय के साथ करोड़ों रुपये के गबन में बदल गईं। आरोपियों ने वेतन प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी का फायदा उठाकर लंबे समय तक फर्जीवाड़े को छिपाए रखा।
ऑडिट सॉफ्टवेयर ने खोली घोटाले की पोल
मामले का खुलासा तब हुआ जब विभागीय स्तर पर विशेष ऑडिट सॉफ्टवेयर से वेतन भुगतान की जांच कराई गई। डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन का मिलान करने पर कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए। इसके बाद विस्तृत जांच शुरू हुई और करोड़ों रुपये के गबन की पुष्टि हुई।
अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुई रकम
प्रारंभिक जांच के अनुसार पिछले दो वर्षों के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और गबन की राशि का उपयोग कहां किया गया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
एक सप्ताह से अधिक समय तक चली जांच के बाद पुलिस ने वेतन शाखा, स्थापना शाखा और ट्रेजरी विभाग से जुड़े तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाना में अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जांच का दायरा बढ़ा, अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में
घोटाले के सामने आने के बाद विभागीय और पुलिस स्तर पर व्यापक जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य कर्मचारियों या बाहरी लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। बैंक खातों, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल जारी है।












