CG NEWS: खुले गड्ढों में बच्चों की मौत पर सख्त हुआ बाल आयोग, सभी कलेक्टरों और नगर निकायों को नोटिस, 7 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट

RAIPUR NEWS। बारिश के मौसम में खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थलों पर हो रहे हादसों में बच्चों की मौत के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने नगरीय प्रशासन विभाग, सभी जिला कलेक्टरों और प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को नोटिस जारी कर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा 7 जुलाई 2026 तक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
खुले गड्ढों पर आयोग की सख्ती
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा है कि हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें बारिश के दौरान पानी से भरे खुले गड्ढों, निर्माणाधीन कॉलोनियों की खुदाई और ढकी हुई नालियों में गिरने से बच्चों की मौत हुई है। इसे गंभीर मानते हुए आयोग ने बच्चों के जीवन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं।
पूरे प्रदेश में चलेगा विशेष सर्वे अभियान
आयोग ने सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सर्वे अभियान चलाकर खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थलों की पहचान करें। जहां संभव हो वहां गड्ढों को तत्काल भरने तथा अन्य स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा घेरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण एजेंसियों की तय होगी जवाबदेही
आयोग ने निर्माण एजेंसियों, बिल्डरों और आवासीय कॉलोनियों को भी जिम्मेदार ठहराने की अनुशंसा की है। निर्माण स्थलों पर खोदे गए गड्ढों, नींव और कॉलम वाले क्षेत्रों के चारों ओर सुरक्षा घेरा लगाना अनिवार्य करने के साथ संवेदनशील स्थानों पर चौकीदार या सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बारिश में बच्चों के लिए बढ़ जाता है खतरा
आयोग के अनुसार बारिश के दौरान पानी भर जाने से छोटे-बड़े गड्ढे दिखाई नहीं देते। स्कूल आने-जाने या खेलते समय बच्चे अनजाने में इन गड्ढों में गिर जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे हो रहे हैं। आयोग ने इस खतरे को देखते हुए जिला स्तर पर नियमित निगरानी और समीक्षा करने की भी अनुशंसा की है।
यह भी पढ़ें: CG NEWS: आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध रेप नहीं, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आरोपी की बरी बरकरार रखी
7 जुलाई तक मांगी गई एक्शन रिपोर्ट
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नगरीय प्रशासन विभाग, सभी जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों को निर्देश दिया है कि वे किए गए सुरक्षा उपायों और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 7 जुलाई 2026 तक आयोग को भेजें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।












