65 साल के डॉक्टर का दावा:नर्स हर एक्टिविटी पर रखती थी नजर, 2 करोड़ वसूले

डॉक्टर का आरोप है कि निजी तस्वीरों को आधार बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर बदनाम करने, झूठे रेप केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के मुताबिक, इन धमकियों के चलते उनसे करीब दो करोड़ रुपये लिए गए। डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे खाली चेक और स्टांप पेपर पर साइन करवाए गए और उनकी एक्टिविटी पर नजर रखी जाती थी। दूसरी ओर, आरोपी नर्स ने खुद को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया है।
अस्पताल से शुरू हुई जान-पहचान
डॉक्टर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दिसंबर 2016 में संबंधित महिला नर्स ने उनके अस्पताल में काम शुरू किया था। वह अक्सर नाइट ड्यूटी पर रहती थी और इसी दौरान अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने उनके निजी कमरे में चाय देने के बहाने आने-जाने लगी। डॉक्टर के अनुसार, इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी, लेकिन कुछ समय बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। उनका कहना है कि जिस भरोसे के साथ उन्होंने नर्स को अपने करीब आने दिया, वही बाद में उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया। डॉक्टर का दावा है कि इसके बाद घटनाओं का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसने उनकी निजी और सामाजिक जिंदगी दोनों को प्रभावित किया।
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प्राइवेट फोटोज के सहारे ब्लैकमेल करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, डॉक्टर का आरोप है कि महिला नर्स ने उनके निजी फोटो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिए। इसके बाद उन्हीं तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उनसे पैसे मांगने शुरू कर दिए गए। डॉक्टर का कहना है कि उन्हें झूठे रेप केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी जाती रही। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन बदनामी और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के डर से वह पुलिस के पास नहीं जा सके। इसी डर का फायदा उठाकर कथित रूप से लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा।
नर्स ने हड़पे करीब दो करोड़ रुपये!
डॉक्टर ने अपनी शिकायत में कहा है कि वर्षों तक चले इस कथित ब्लैकमेल के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उनका दावा है कि अब तक करीब दो करोड़ रुपये आरोपी महिला को दिए जा चुके हैं। शिकायत के मुताबिक, इनमें लगभग 35 लाख रुपये अस्पताल के बैंक खाते से ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे कई खाली चेक और स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाए गए, जिन्हें महिला ने अपने कब्जे में रखा। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह मजबूरी में ऐसा करते रहे।
महिला नर्स ने अलग सिम और फोन दिया था
डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि महिला नर्स ने उन्हें एक अलग मोबाइल फोन और सिम कार्ड इस्तेमाल करने के लिए दिया था। आरोप है कि उनसे कहा गया था कि यह फोन चौबीसों घंटे चालू रहना चाहिए। डॉक्टर का यह भी दावा है कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के पासवर्ड भी आरोपी के पास थे, जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। उनका कहना है कि मोबाइल और कैमरों के जरिए उनकी हर गतिविधि की जानकारी रखी जाती थी।
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पुलिस जांच में जुटी, नर्स ने आरोपों से किया इनकार
मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला नर्स को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब डॉक्टर द्वारा लगाए गए आरोपों, बैंक लेनदेन, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। वहीं आरोपी नर्स का कहना है कि डॉक्टर अपने बचाव के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं और उनका इस तरह की किसी ब्लैकमेलिंग से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।












