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–10 डिग्री में उबलती कमाई :एक चूल्हा, एक टेबल और मैगी के कुछ पैकेट्स, फिर फटाफट बरसने लगे नोट

पहाड़ों में मैगी का स्टॉल लगाकर भी अच्छी कमाई की जा सकती है। इस बात का अनुभव करने के लिए कंटेंट क्रिएटर बादल ठाकुर ने खुद पहाड़ों पर जाकर स्टॉल लगाया। जो कमाई हुई उसका पूरा किस्सा उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया।
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एक चूल्हा, एक टेबल और मैगी के कुछ पैकेट्स, फिर फटाफट बरसने लगे नोट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। पहाड़ों की वादियों में घूमने पहुंचे पर्यटकों के लिए गरमागरम मैगी अब सिर्फ एक इंस्टेंट फूड नहीं रही, बल्कि सफर का यादगार हिस्सा बन चुकी है। ठिठुराती ठंड, कोहरे से ढकी सड़कें और हाथ में भाप उड़ाती मैगी—यही वजह है कि ऊंचाई वाले इलाकों में यह स्नैक सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो ने इस ट्रेंड को और मजबूत किया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या दुर्गम इलाकों में लगने वाला यह छोटा सा स्टॉल सच में अच्छा मुनाफा देता है? इसी सवाल का जवाब खोजने कंटेंट क्रिएटर बादल ठाकुर ने खुद मैगी का स्टॉल लगाकर एक प्रयोग किया।

    पहाड़ों में मैगी स्टॉल का प्रयोग, सादगी में छुपा कारोबार 

    बादल ठाकुर ने पहाड़ी इलाके में एक अस्थायी मैगी स्टॉल लगाया और पूरे दिन की बिक्री को रिकॉर्ड किया। वीडियो में साफ नजर आता है कि स्टॉल पर कोई खास व्यवस्था नहीं थी—न दुकान, न शेड, न कोई बड़ा सेटअप। सिर्फ एक एलपीजी सिलेंडर, गैस चूल्हा और साधारण मेज के सहारे कारोबार चलाया गया। इसके बावजूद, पर्यटकों की लगातार भीड़ बनी रही। ठंड में खड़े होकर लोग धैर्य से अपनी बारी का इंतजार करते दिखे, जो इस बात का संकेत है कि पहाड़ों में मैगी की मांग कितनी मजबूत है।

    मैगी का रेट, अनुभव के साथ कीमत भी 

    ऊंचाई वाले इलाकों में मिलने वाली मैगी की कीमत मैदानी इलाकों की तुलना में ज्यादा होती है, लेकिन पर्यटकों के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं होती। यहां लोग स्वाद के साथ-साथ माहौल के लिए भी पैसे चुकाते हैं। पर्यटकों के लिए प्लेन मैगी की कीमत 70 रुपए प्रति प्लेट और चीज मैगी की कीमत 100 रुपए प्रति प्लेट रखी गई थी।

    कुछ ही घंटों में सैकड़ों प्लेट, बिक्री ने चौंकाया 

    बादल ठाकुर के अनुसार, स्टॉल पर महज चार से पांच घंटे के भीतर करीब 200 प्लेट मैगी बिक गईं। पूरे दिन की बात करें तो यह संख्या 300 से 350 प्लेट तक पहुंच गई। अगर औसतन 70 रुपए प्रति प्लेट के हिसाब से देखा जाए, तो एक दिन में होने वाली कुल कमाई लगभग 21 हजार रुपए तक पहुंचती है। हालांकि, यह रकम कुल आय है, जिसमें खर्च शामिल नहीं हैं।

    सोशल मीडिया यूजर ने बताया असली मुनाफा 

    सोशल मीडिया पर एक यूजर epic_editz18 ने इस बिजनेस का विस्तृत हिसाब साझा किया, जिसमें रोजमर्रा के सभी जरूरी खर्च जोड़े गए। यूजर ने बताया, कमाई का गणित ऐसा है-

    300 मैगी पैकेट (20 रुपए प्रति पैकेट) – 6000 रुपए

    पेट्रोल खर्च – 500 रुपए

    कच्चा माल और ट्रांसपोर्ट – 5000 रुपए

    हेल्पर की मजदूरी – 1000 रुपए

    कुल खर्च – लगभग 9500 रुपए

    खर्च घटाने के बाद अनुमानित मुनाफा – करीब 8000 रुपए प्रतिदिन

    वायरल हुआ प्रयोग, लाखों लोग देख रहे हैं पहाड़ों की मैगी 

    बादल ठाकुर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अब तक इसे 4.3 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं। कई यूजर्स इसे छोटा लेकिन स्मार्ट बिजनेस आइडिया बता रहे हैं, तो कुछ लोग पहाड़ी इलाकों में पर्यटन से जुड़े रोजगार के नए अवसर के रूप में देख रहे हैं। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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