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अरब सागर में ड्रग्स तस्करी की कोशिश नाकाम, 510 किलो से ज्यादा नशीला पदार्थ जब्त; 5 पाकिस्तानी गिरफ्तार

लक्षद्वीप के पश्चिम अरब सागर में Indian Coast Guard और गुजरात ATS ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 510 किलो से ज्यादा ड्रग्स जब्त की। 5 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार किए गए।
अरब सागर में ड्रग्स तस्करी की कोशिश नाकाम, 510 किलो से ज्यादा नशीला पदार्थ जब्त; 5 पाकिस्तानी गिरफ्तार
अरब सागर में 510 किलो ड्रग्स के साथ 5 पाकिस्तानी गिरफ्तार

अरब सागर में Indian Coast Guard और गुजरात ATS ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लक्षद्वीप के पश्चिम में समुद्र के बीच संदिग्ध ईरानी नाव को रोककर भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया गया। अभियान में 5 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। अलग-अलग रिपोर्टों में जब्त नशीले पदार्थ की मात्रा 510 से 526 किलोग्राम बताई गई है।

लक्षद्वीप के पास समुद्र में बड़ा ऑपरेशन

यह कार्रवाई 25 सितंबर 2026 को खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। जानकारी मिलने के बाद भारतीय Coast Guard ने समुद्री और हवाई निगरानी बढ़ाई। निगरानी के दौरान एक संदिग्ध ईरानी नाव यानी धो नजर आई। Coast Guard ने नाव पर लगातार नजर रखी और उसका पीछा किया। इसके बाद समुद्र में उसे रोककर तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बरामद हुआ। भारतीय Coast Guard पहले भी गुजरात ATS और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर समुद्री रास्ते से होने वाली ड्रग्स तस्करी के खिलाफ कई अभियान चला चुका है। आधिकारिक रिकॉर्ड में 2024 और 2026 के दौरान ऐसी कई बड़ी जब्तियों का उल्लेख है।

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नाव से बरामद हुआ 500 किलो से ज्यादा ड्रग्स

संयुक्त ऑपरेशन में नाव से बड़ी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाला नशीला पदार्थ बरामद होने की जानकारी सामने आई है। ANI के मुताबिक-  510 किलोग्राम ड्रग्स की बरामदगी की जानकारी दी गई है। बरामद पदार्थ में हेरोइन और मेथामफेटामाइन शामिल होने की बात सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। नाव और बरामद माल को आगे की जांच के लिए मुंबई लाया गया है।

खुफिया इनपुट से शुरू हुआ पूरा ऑपरेशन

इस कार्रवाई की शुरुआत खुफिया जानकारी से हुई। इनपुट मिलने के बाद Coast Guard ने संदिग्ध समुद्री गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई। समुद्र में ड्रग्स तस्करी को पकड़ना जमीन पर होने वाली कार्रवाई की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। खुले समुद्र में संदिग्ध नाव की पहचान, उसका पीछा करना और फिर सुरक्षित तरीके से उसे रोकना एक लंबी प्रक्रिया होती है। इस मामले में समुद्री निगरानी और हवाई निगरानी के जरिए संदिग्ध नाव पर नजर रखी गई। इसके बाद Coast Guard ने कार्रवाई करते हुए नाव को अपने नियंत्रण में लिया।

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मुंबई पहुंची नाव, आरोपी और जब्त माल

कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किए गए पांचों पाकिस्तानी नागरिकों, नाव और बरामद नशीले पदार्थ को मुंबई पोर्ट लाया गया। अब आगे की जांच में कई सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि  ड्रग्स की खेप कहां से लाई गई थी? इसे भारत में कहां पहुंचाया जाना था? इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं? समुद्र के रास्ते तस्करी के पीछे कौन सा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क काम कर रहा था? बरामद ड्रग्स की अंतिम रासायनिक जांच में क्या सामने आता है?

अरब सागर बना ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सुरक्षा मोर्चा

समुद्री रास्ते से भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती रही है। गुजरात ATS और भारतीय Coast Guard की पिछली कार्रवाइयों में भी पाकिस्तानी नावों और विदेशी नागरिकों से जुड़ी ड्रग्स बरामदगी सामने आई है। भारतीय Coast Guard के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, अप्रैल 2024 में गुजरात ATS और NCB के साथ संयुक्त अभियान में एक पाकिस्तानी नाव से करीब 86 किलोग्राम हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद किया गया था। इसी तरह फरवरी 2026 में ATS गुजरात के साथ अभियान में करीब 203 किलोग्राम संदिग्ध क्रिस्टलाइन मादक पदार्थ ले जा रही स्पीडबोट को पकड़ा गया था। मई 2026 में भी गुजरात के मुंद्रा तट के पास संयुक्त अभियान में करीब 115 किलोग्राम कोकीन जब्त की गई थी, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत 1,150 करोड़ रुपये बताई गई थी।

3,000 करोड़ की खेप ने बढ़ाई चिंता

लक्षद्वीप के पश्चिम अरब सागर में हुई इस कार्रवाई में बरामद ड्रग्स की अनुमानित कीमत 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। इतनी बड़ी खेप की बरामदगी इस बात को सामने लाती है कि समुद्री मार्ग से होने वाली तस्करी पर निगरानी कितनी महत्वपूर्ण है। फिलहाल पांचों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जब्त सामग्री की जांच के जरिए इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होने की उम्मीद है कि इतनी बड़ी ड्रग्स खेप के पीछे कौन लोग थे और इसका अंतिम ठिकाना कहां था।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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