Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

मुंबई से बस में आई ‘कोकीन कूरियर’!नाइजीरियन महिला,असली तस्करों तक पहुंचना चुनौती

मुंबई से बस के जरिए इंदौर पहुंची नाइजीरियन महिला, चंदननगर पुलिस ने 29 लाख की कोकीन के साथ पकड़ा; पहले भी विदेशी महिला ड्रग्स तस्करी में हो चुकी है गिरफ्तार
मुंबई से बस में आई ‘कोकीन कूरियर’!नाइजीरियन महिला,असली तस्करों तक पहुंचना चुनौती
नाइजीरियन महिला इम्यूनल जाया

इंदौर। ड्रग्स तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए अब अपना तरीका बदल लिया है। नशीली दवाओं की सप्लाई के लिए महिलाओं का इस्तेमाल तो पहले से सामने आता रहा है, लेकिन अब इस नेटवर्क में विदेशी महिलाओं के भी कूरियर बनने का मामला सामने आया है। चंदननगर पुलिस ने नाइजीरियन महिला इम्यूनल जाया को करीब 29 लाख रुपए कीमत की कोकीन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक महिला मुंबई से बस के जरिए कोकीन लेकर इंदौर पहुंची थी। वह बिजनेस वीजा पर भारत आई थी और कथित तौर पर ड्रग्स नेटवर्क के संपर्क में थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके पासपोर्ट, वीजा और मुंबई में उसके संपर्कों की जानकारी खंगाल रही है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस की एक टीम मुंबई भी भेजी जा सकती है।

 

महिलाएं बनीं तस्करों की ‘डिलीवरी गर्ल’, पुलिस से बचने की कोशिश

इंदौर में ड्रग्स के खिलाफ चल रही कार्रवाई में इस साल एक दर्जन से ज्यादा महिलाएं पकड़ी जा चुकी हैं। कुछ पर खुद ड्रग्स बेचने के आरोप हैं, जबकि कई महिलाओं को दूसरे शहरों से नशीला पदार्थ लाने के लिए कूरियर के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। अब नाइजीरियन महिला की गिरफ्तारी ने पुलिस को इस नेटवर्क के एक नए पैटर्न की ओर इशारा दिया है। तस्कर कथित तौर पर ऐसे लोगों को आगे कर रहे हैं, जिनके जरिए नशीली खेप को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाया जा सके और मुख्य नेटवर्क तक पुलिस की सीधी पहुंच न हो।

संबंधित खबर: बिजनेस वीजा पर आई नाइजीरियन महिला के बैग में मिली 29 लाख की कोकीन:इंदौर में ऐसे पकड़ी गई

पहले भी 15 लाख की कोकीन के साथ पकड़ी गई थी नाइजीरियन महिला

यह इंदौर में विदेशी महिला से जुड़ा पहला मामला नहीं है। इससे पहले नारकोटिक्स विंग ने आजादनगर इलाके से नाइजीरियन महिला लिंडा को करीब 15 लाख रुपए की कोकीन के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि लिंडा मुंबई के नाला सुपारा क्षेत्र में रह रही थी। वह स्टूडेंट वीजा पर भारत आई थी और वीजा की अवधि खत्म होने के बाद कथित तौर पर ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ गई। वह फिलहाल इंदौर सेंट्रल जेल में बंद है।

ये भी पढ़ें: अतिक्रमण पर निगम का बड़ा एक्शन! एमटीएच से शुरू हुई मुहिम, तीन प्रमुख मार्ग होंगे कब्जामुक्त

एक नंबर मिलता है... पहुंचानी होती है सिर्फ खेप

जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि कूरियर के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले लोगों को अक्सर पूरे नेटवर्क की जानकारी नहीं दी जाती। उन्हें सिर्फ एक मोबाइल नंबर या संपर्क दिया जाता है और तय व्यक्ति तक ड्रग्स पहुंचाने का निर्देश मिलता है। यही वजह है कि पुलिस के लिए मुख्य सप्लायर और पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। विदेशी महिलाओं के मामले में भाषा की समस्या भी पूछताछ को जटिल बना देती है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 29 लाख की कोकीन लेकर इंदौर पहुंची महिला के पीछे कौन लोग हैं, मुंबई में उसे खेप किसने दी और इंदौर में इसकी डिलीवरी किसे होनी थी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

Latest Posts