एंटीबायोटिक लेते समय ज्यादा चीनी खाना खतरनाक, आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को होता है डबल नुकसान, नई स्टडी में खुलासा

न्यूयॉक। बीमार होने पर कुछ स्वादिष्ट खाने का मन करना आम बात है, खासकर जब दवाओं, कड़वी गोलियों और सिरप का स्वाद अच्छा न लगे। ऐसे में सिर्फ कुछ अच्छा खाने की इच्छा होती है। नतीजा यह होता है कि हम वही जंक फूड और मीठी चीजें खा लेते हैं, जिनसे सामान्य दिनों में दूरी बनाए रखते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अधिक चीनी वाला भोजन आपकी आंतों की सेहत को और बिगाड़ सकता है। एक नई रिसर्च के अनुसार एंटीबायोटिक लेते समय अधिक चीनी खाने से दवाओं के कारण आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को होने वाला नुकसान और बढ़ सकता है। हमारी आंत में बैक्टीरिया का एक बड़ा इकोसिस्टम होता है जो हमारे साथ ही विकसित हुआ है। यह भोजन पचाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने और शरीर के अन्य जरूरी कामों में मदद करता है।
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एंटीबायोटिक अंतर नहीं करती अच्छे और खराब बैक्टीरिया में
हम जो सामान्य एंटीबायोटिक लेते हैं, वे हमेशा नुकसानदायक बैक्टीरिया और आंत में मौजूद फायदेमंद सूक्ष्मजीवों के बीच अंतर नहीं कर पातीं। कई बार इस गड़बड़ी का फायदा उठाकर दूसरे हानिकारक कीटाणु बढ़ने लगते हैं।
चीनी कैसे एंटीबायोटिक को ज्यादा नुकसानदायक बना सकती है
'नेचर' जर्नल में छपे एक अध्ययन में यह परखा गया कि एंटीबायोटिक इलाज के दौरान चीनी का सेवन किस तरह आंतों के सूक्ष्मजीवों (माइक्रोबायोम) में बदलाव से जुड़ा है। शोधकर्ताओं ने पाया कि ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक ले रहे मरीजों में ज्यादा चीनी खाने से आंत में मौजूद बैक्टीरिया की विविधता घट जाती है। एनवाईयू लैंगोन हेल्थ, सिटी ऑफ होप और मेमोरियल स्लोन केटरिंग के शोधकर्ताओं ने अस्पताल में भर्ती 173 कैंसर मरीजों के 9,419 भोजन का बारीकी से अध्ययन किया और उनके गट माइक्रोबायोम में होने वाले बदलावों पर नजर रखी। टीम ने इनमें से कुछ मरीजों के मल के नमूनों का भी विश्लेषण किया। शोधकर्ताओं के मॉडल के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में हर 100 ग्राम अतिरिक्त मीठा खाने पर, ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक लेने वाले मरीजों के गट माइक्रोबायोम की 'अल्फा डायवर्सिटी' में औसतन 24.1 प्रतिशत की और कमी आती है। 'अल्फा डायवर्सिटी' किसी सैंपल में मौजूद सूक्ष्मजीवों की विविधता और उनके बंटवारे को मापने का पैमाना है, न कि किसी खास तरह के बैक्टीरिया का नाम है।
क्या एंटीबायोटिक्स लेने के बाद डाइट आंतों को ठीक करने में मदद कर सकती है
शोध से एक बात साफ है कि एंटीबायोटिक्स के प्रति हमारे गट माइक्रोबायोम (आंतों के सूक्ष्मजीवों) की प्रतिक्रिया में डाइट एक भूमिका निभा सकती है। आंतों की सेहत बनाए रखने के लिए, कई लोग प्रोबायोटिक्स का सहारा लेते हैं। कुछ मामलों में यह मददगार हो सकता है, लेकिन इस अध्ययन से यह साबित नहीं हुआ कि क्या प्रोबायोटिक्स मरीजों में होने वाले इन बदलावों को रोक सकते हैं। एंटीबायोटिक्स लेते समय चीनी वाली चीजों का सेवन कम करना एक आसान उपाय हो सकता है, जिस पर आगे जांच की जा सकती है। हालांकि, यह पक्के तौर पर कहने के लिए कि क्या चीनी कम लेने से एंटीबायोटिक्स लेने वाले लोगों को बेहतर परिणाम मिलते हैं, अभी और शोध की जरूरत है।




















