सीहोर : आग ने जलाए सपने, शहर ने थामा हाथ... अब धूमधाम से होगी दीपिका जैन की शादी

सीहोर। कभी-कभी एक हादसा वर्षों की मेहनत को पलभर में राख कर देता है, लेकिन इंसानियत उसी राख से उम्मीद की नई लौ भी जला देती है। सीहोर के बढ़ियाखेड़ी स्थित अंजनी धाम कॉलोनी में रहने वाले जैन परिवार के साथ ऐसा ही हुआ। सोमवार शाम अचानक लगी भीषण आग ने घर, गृहस्थी और बेटी दीपिका की शादी के लिए जोड़ी गई हर छोटी-बड़ी चीज को खाक कर दिया। परिवार की आंखों में जहां पहले बेबसी और निराशा थी, वहीं अब शहर के लोगों की संवेदनशील पहल ने उन्हीं आंखों में फिर से उम्मीद और खुशी के आंसू ला दिए हैं।
पलभर में जल गई वर्षों की मेहनत
ऑटो चालक दिनेश जैन के घर में लगी आग इतनी भयावह थी कि पूरा घर उसकी चपेट में आ गया। गृहस्थी का सामान, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और सबसे बढ़कर 10 दिसंबर को होने वाली बहन दीपिका की शादी के लिए जुटाए गए कपड़े, गहने और अन्य सामग्री भी जलकर राख हो गई। परिवार ने पाई-पाई जोड़कर यह सामान इकट्ठा किया था, लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया। इस हादसे के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि अब बेटी की शादी कैसे होगी।
उम्मीद बनकर आए मददगार
इस कठिन समय में शहर की सामाजिक संस्था टीम संडे का सुकून परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। संस्था ने सोशल मीडिया के जरिए मदद की अपील की और देखते ही देखते शहर के लोगों ने दिल खोलकर सहयोग देना शुरू कर दिया। कुछ ही घंटों में 1 लाख 16 हजार रुपये की राशि जुट गई। संस्था ने अपनी ओर से पांच हजार रुपये और जोड़कर कुल 1 लाख 21 हजार रुपये का चेक गुरुवार को पीड़ित परिवार को सौंप दिया।
उंगली ग्रुप ने भी दिखाई इंसानियत की ताकत
दूसरी ओर उंगली ग्रुप ने भी इस परिवार के लिए सोशल मीडिया पर विशेष अभियान चलाया। ग्रुप के फाउंडेशन मेंबर योगेश उपाध्याय ने बताया कि लोगों ने इस अपील को सिर्फ एक पोस्ट नहीं, बल्कि किसी अपने के दर्द की पुकार समझा। नतीजा यह रहा कि करीब एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता जुटाई गई। इतना ही नहीं, परिवार के लिए गृहस्थी का जरूरी सामान और दीपिका की शादी के लिए आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, जिससे शादी की तैयारियां दोबारा पटरी पर लौट सकें।
सात समंदर पार से भी पहुंची संवेदनाएं
इस मानवीय अभियान की गूंज सिर्फ सीहोर तक सीमित नहीं रही। विदेशों में रहने वाले सीहोर के युवाओं ने भी इस मुहिम में भागीदारी निभाई। टीम संडे का सुकून के फाउंडर मेंबर अंकुर राठौर ने बताया कि अमेरिका से पांच हजार रुपये, सिंगापुर से 2100 रुपये और चीन से 2100 रुपये की सहयोग राशि भेजी गई। दानदाताओं ने अपना नाम सार्वजनिक न करने का आग्रह किया, लेकिन उनके इस योगदान ने यह साबित कर दिया कि अपने शहर और अपने लोगों से जुड़ाव सीमाओं का मोहताज नहीं होता।
सोशल मीडिया बना इंसानियत का माध्यम
जहां अक्सर सोशल मीडिया पर नफरत और विवादों की चर्चा होती है, वहीं इस अभियान ने उसका दूसरा और खूबसूरत चेहरा सामने रखा। टीम संडे का सुकून और उंगली ग्रुप ने सोशल मीडिया को मदद और परोपकार का माध्यम बनाया। दोनों संगठनों ने पूरी पारदर्शिता के साथ हर सहयोग का हिसाब रखा, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ और अधिक से अधिक लोग इस नेक पहल से जुड़ते चले गए।
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"आंखों के सामने सिर्फ मौत नजर आ रही थी"
"पीड़ित परिवार के मुखिया छगनलाल जैन और उनके पुत्र दिनेश जैन ने भावुक होकर बताया कि आग लगने के बाद ऐसा लगा मानो सब कुछ खत्म हो गया हो। शादी के लिए जोड़े गए रुपए, गहने और सामान जल जाने के बाद आंखों के सामने सिर्फ अंधेरा और मौत नजर आ रही थी। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों ने जिस तरह आगे बढ़कर मदद की, उससे ऐसा लगा जैसे स्वयं भगवान उनके घर सहायता पहुंचाने आ गए हों। अब उन्हें विश्वास है कि दीपिका की शादी पहले की तरह धूमधाम से होगी।
इंसानियत की यह मिसाल लंबे समय तक रहेगी याद
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब समाज एक परिवार का दुख अपना मान ले, तो सबसे बड़ा संकट भी छोटा पड़ जाता है। जिस घर में कुछ दिन पहले राख, सन्नाटा और बेबसी थी, वहीं अब शादी की तैयारियों की उम्मीद फिर से लौट आई है। सीहोर के लोगों ने यह दिखा दिया कि खुशियां सिर्फ अपने घर नहीं, बल्कि किसी और के घर भी लौटाई जा सकती हैं। यही इंसानियत की सबसे खूबसूरत पहचान है।




















