PU Special :टाटा मेमोरियल के विशेषज्ञ डॉ. अमर देशपांडे बोले-30 दशक में ब्रेस्ट कैंसर के मामले 5 गुना तक बढ़े, अब 22 में से एक महिला पर खतरा

टाटा मेमोरियल के विशेषज्ञ डॉ. अमर देशपांडे बोले-30 दशक में ब्रेस्ट कैंसर के मामले 5 गुना तक बढ़े, अब 22 में से एक महिला पर खतरा
जबलपुर में आयोजित कैंसर सर्जन कॉन्फ्रेंस में शामिल डॉक्टर्स।

हर्षित चौरसिया, जबलपुर। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामले गंभीर चिंता का विषय है। अनुमानित आंकड़ों की मानें तो करीब तीन दशक पहले जहां 72 में से एक महिला के ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित सामने आती थी, वहीं अब यह आंकड़ा 22 में से एक महिला तक पहुंच गया है। तीन दशक में ब्रेस्ट कैंसर के मरीज करीब 5 गुना तक बढ़ गए हैं। यह जानकारी मुंबई टाटा मेमोरियल के विशेषज्ञ डॉ. अमर देशपांडे ने पीपुल्स समाचार की खास चर्चा में दी। वे जबलपुर में आयोजित सर्जन्स की कॉन्फ्रेंस में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा समाज में इसे लेकर जागरुकता बढ़ रही है। ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम के लिए रूटीन चेकअप नियमित रूप से कराना चाहिए।

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डॉ. अमर देशपांडे

10 प्रतिशत मामलों में जेनेटिक कारण

डॉ. देशपांडे के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर के करीब 10 प्रतिशत मामलों में जेनेटिक कारणों की भूमिका होती है। इसके अलावा प्रदूषण, खान-पान और जीवनशैली से जुड़े कारक भी बीमारी के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, हर मरीज में कैंसर होने की वजह एक जैसी नहीं होती। ऐसे में महिलाओं के लिए बीमारी के प्रति जागरूक रहना जरूरी है।

नई दवाओं और तकनीकों से बढ़ा सर्वाइवल

विशेषज्ञ ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर को लेकर समाज में जागरुकता बढ़ी है। महिलाएं अब बीमारी के लक्षणों और जांच के महत्व को पहले से अधिक समझ रही हैं। आधुनिक उपकरणों, नई दवाओं और उपचार की बेहतर तकनीकों ने मरीजों के सर्वाइवल में सुधार किया है। बीमारी की समय पर पहचान होने से उपचार की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। डॉ. देशपांडे के अनुसार, करीब 9 से 10 प्रतिशत मरीजों में ब्रेस्ट कैंसर दोबारा होने की बात सामने आती है। इसलिए इलाज पूरा होने के बाद भी नियमित जांच और चिकित्सकीय सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें बीमारी की रोकथाम और जागरुकता के लिए प्रयास कर रही हैं। जागरुकता अभियानों के साथ चिकित्सकों के सम्मेलन भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे आयोजनों में विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करते हैं और उपचार की नई तकनीकों पर चर्चा करते हैं, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

इन उपायों को अपनाएं

  • संतुलित आहार लें: अपने दैनिक भोजन में ताज़ी हरी सब्जियों, फलों, फाइबर युक्त साबुत अनाज और दालों को शामिल करें।
  • वजन नियंत्रित रखें: खासकर मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद शरीर का स्वस्थ वजन बनाए रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि मोटापा ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है।
  • नियमित व्यायाम करें: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट (या रोजाना करीब 30 मिनट) मध्यम गति का व्यायाम या शारीरिक गतिविधि जरूर करें।
  • जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड से बचें: तले-भुने, अत्यधिक चीनी और जंक फूड के सेवन से दूरी बनाए रखें।
  • शराब और स्मोकिंग से परहेज करें: शराब का सेवन सीमित करें या पूरी तरह बंद करें। इसके अलावा तंबाकू और स्मोकिंग से बचें।
  • नियमित जांच और डॉक्टर से परामर्श: समय-समय पर रूटीन चेकअप कराएं। यदि ब्रेस्ट में कोई गांठ, सूजन या अन्य असामान्य बदलाव महसूस हों, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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