छत्तीसगढ़ में EOW-ED का बड़ा एक्शन, 6 जिलों में एक साथ छापेमारी, अनवर ढेबर से लेकर नपा अध्यक्ष तक जांच के घेरे में

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले, कोल लेवी और DMF घोटाले की जांच ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार सुबह जांच एजेंसियों ने प्रदेश के छह जिलों में एक साथ छापेमारी कर कारोबारी जगत से लेकर स्थानीय निकाय के पदाधिकारियों तक हलचल मचा दी। रायपुर में शराब कारोबारी अनवर ढेबर और रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के ठिकानों पर जांच चल रही है। वहीं राजनांदगांव, दुर्ग, बिलासपुर, गरियाबंद और कोरबा में भी कई ठिकानों पर टीमें दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही हैं।

छह जिलों में एक्शन, तीन बड़े घोटाले जांच के केंद्र में
शराब घोटाले, कोल लेवी और जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े मामलों में ED, EOW और ACB की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। इस कार्रवाई में कारोबारियों के आवास, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य संबंधित परिसरों को जांच के दायरे में लिया गया है। जांच एजेंसियों की टीमें दस्तावेजों के साथ मोबाइल फोन, लैपटॉप और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, छापेमारी में अब तक क्या-क्या मिला है, इस संबंध में एजेंसियों की ओर से आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।
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रायपुर में अनवर ढेबर के घर ED की दबिश, VIP स्टेट में भी जांच
राजधानी रायपुर में शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में कारोबारी अनवर ढेबर के आवास पर ED की टीम पहुंची। इसके साथ ही VIP स्टेट स्थित रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के घर EOW की टीम ने दबिश दी। सुदर्शन शर्मा के ठिकाने पर शराब घोटाले से जुड़े संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है। टीम दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को खंगाल रही है। राजधानी में तीन से चार स्थानों पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।

राजनांदगांव में 20 अधिकारियों की टीम, वैभव गोलछा और जय बग्गा के यहां छापा
राजनांदगांव में जांच एजेंसियों ने दो कारोबारियों के आवास और व्यावसायिक परिसरों पर एक साथ कार्रवाई की। रायपुर से पहुंची करीब 20 अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर जांच शुरू की। सनसिटी के बी-ब्लॉक में कारोबारी वैभव गोलछा के मकान पर टीम ने दबिश दी। वहीं लालबाग स्थित कारोबारी जय बग्गा के घर और व्यावसायिक परिसर में भी जांच की गई। दोनों कारोबारियों को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का करीबी बताया जा रहा है। जांच टीम वित्तीय लेन-देन, कारोबारी दस्तावेजों और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों की पड़ताल कर रही है।

भिलाई में ट्रांसपोर्टर जितेंद्र सिंह के घर EOW-ACB की कार्रवाई
दुर्ग जिले के भिलाई-3 स्थित वसुंधरा नगर में ट्रांसपोर्टर जितेंद्र सिंह के आवास पर सुबह करीब 8 बजे EOW और ACB की टीम पहुंची। बताया जा रहा है कि कार्रवाई उनके साले संतोष सिंह से जुड़े मामले में की जा रही है। संतोष सिंह भी इसी मकान में रहते हैं और ऑयल तथा ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े हैं। जांच टीम कारोबार से संबंधित दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की पड़ताल कर रही है।
बिलासपुर में कोल लेवी स्कैम की जांच, कारोबारी के घर दस्तावेज खंगाले
बिलासपुर के उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में कोल कारोबारी शाजिद खान के आवास पर EOW-ACB की टीम ने दबिश दी। कोल लेवी स्कैम से जुड़े मामले में उनके आवास और अन्य ठिकानों पर जांच की जा रही है। जांच का मुख्य फोकस कारोबारी गतिविधियों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों पर है। कार्रवाई के दौरान बरामद सामग्री को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गरियाबंद में शांति विजय और नवकार ज्वेलर्स पर छापा
गरियाबंद जिले के गोबरा नवापारा और राजिम में भी जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की। कारोबारी विमल पारख और राजा पारख से जुड़े प्रतिष्ठानों कोल लेवी स्कैम की जांच के दायरे में लिया गया है। टीमों ने शांति विजय और नवकार ज्वेलर्स के प्रतिष्ठानों के साथ राजा पारख के आवास पर भी छापेमारी की। यहां कारोबारी रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

कोरबा में DMF घोटाले की जांच, नगर पालिका अध्यक्ष के घर पहुंची टीम
कोरबा जिले के कटघोरा में DMF घोटाले से जुड़े मामले में EOW की टीम ने गुरुवार सुबह दो ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। टीम ने नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और नगर सैनिक दिलीप केंवट के आवास पर कार्रवाई की। दोनों स्थानों पर दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की जा रही है। DMF फंड से जुड़े कथित अनियमितताओं की पड़ताल के तहत यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, कार्रवाई के विस्तृत कारणों और जांच में सामने आए तथ्यों पर एजेंसी की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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जांच एजेंसियों की कार्रवाई से प्रदेशभर में हलचल
छत्तीसगढ़ में एक ही दिन छह जिलों में हुई इस कार्रवाई ने शराब, कोल और DMF से जुड़े मामलों को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जांच एजेंसियां अलग-अलग मामलों में संबंधित लोगों और प्रतिष्ठानों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल छापेमारी के दौरान किसी की गिरफ्तारी या जब्ती को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले समय में जांच एजेंसियों की ओर से जारी जानकारी से इन मामलों में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




















