Shivani Gupta
1 Feb 2026
Naresh Bhagoria
1 Feb 2026
Hemant Nagle
1 Feb 2026
सिलवानी। रायसेन जिले स्थित सिलवानी तहसील में बिजली आपूर्ति की लगातार ठप पड़ी स्थिति से परेशान किसानों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया। खेती के काम बुरी तरह प्रभावित होने से नाराज किसानों ने सड़क पर उतरकर विरोध किया। नगपुरा नगझिरी, सेमराखास, महुआखेड़ा, जामनपानी, घोघरी, सोनपुरा, रायपानी समेत आसपास के करीब 20 गांवों से सैकड़ों किसान एकजुट होकर बजरंग चौराहे से पैदल मार्च करते हुए गैरतगंज–गढ़रवारा स्टेट हाईवे-44 पहुंचे।
यहां पर किसानों ने पावर हाउस के सामने करीब एक घंटे तक चक्का जाम कर दिया। धरने में शामिल किसानों का कहना था कि बार-बार बिजली गुल होने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। प्रदर्शन के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। जिसके बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और समस्या के समाधान का आश्वासन देने के बाद किसानों ने जाम खत्म किया।
किसानों का कहना है कि उन्हें निर्धारित 10 घंटे की बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही, जिसके चलते गेहूं, चना समेत अन्य रबी फसलें सिंचाई के अभाव में सूखने की स्थिति में पहुंच गई हैं। समय पर पानी नहीं मिलने से किसानों को भारी नुकसान का डर सता रहा है। जो उनकी बड़ी परेशानी बनी हुई है।
इधर चक्का जाम की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस अमला मौके पर घटनास्थल पहुंचे। एसडीएम हर्षल चौधरी, एसडीओपी अनिल मौर्य, थाना प्रभारी पूनम सविता के साथ ही विद्युत वितरण कंपनी के जिला स्तर के अधिकारी भी वहां पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और बिजली आपूर्ति सुधारने का आश्वासन देते हुए उन्हें समझाइश दी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।

प्रदर्शन के दौरान किसान लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बाद में एसडीएम हर्षल चौधरी ने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद करीब एक घंटे बाद चक्का जाम खत्म किया गया।
इस प्रदर्शन के दौरान स्टेट हाईवे-44 के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लंबे समय तक लग गईं। जिसका सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा। हाईवे पर कई किलोमीटर तक गाड़ियां रेंगती हुई दिखाई दी, जिससे मोटरसाइकिल सहित कार चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

किसानों ने एसडीएम को कलेक्टर, ऊर्जा मंत्री और वन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र में अत्यधिक विद्युत भार होने के कारण लो वोल्टेज की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे न सिर्फ खेती से जुड़े उपकरण, बल्कि घरेलू बिजली उपकरणों के संचालन में भी दिक्कतें आ रही हैं।
अनुविभागीय अधिकारी हषर्ल चौधरी ने बिजली संकट पर जुटे किसानों के धरने पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ क्षेत्र के किसान तीन प्रमुख मांगों को लेकर इकट्ठा हुए। किसानों की सबसे बड़ी मांग यह थी कि उन्हें निर्धारित 10 घंटे तक पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली आपूर्ति दी जाए, लेकिन वर्तमान में उन्हें तय समय और सही वोल्टेज पर बिजली नहीं मिल पा रही है।
दूसरी अहम समस्या यह है कि वन विभाग की भूमि से होकर डेक्स (DEX) कनेक्शन दिया जाना है, लेकिन वन विभाग से अनुमति न मिलने के कारण यह काम लंबे समय से अटका हुआ है। इसके चलते कई किसानों को अब तक कनेक्शन नहीं मिल सका है।
इसके अलावा किसानों ने ट्रांसफार्मर के ऑगमेंटेशन (क्षमता बढ़ाने) कार्य को जल्द पूरा करने की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य को लेकर पहले भी किसानों द्वारा प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद काम शुरू कर दिया गया है। शेष कार्य को संभवत: गुरुवार तक पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।