Manisha Dhanwani
11 Jan 2026
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद लगातार गर्माया हुआ है। हालांकि धीरे-धीरे इस मामले में नरमी दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की तारीफ करते हिए कहा था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना कम किया है। और अब अमेरिका भारत पर लगे टैरिफ को घटाएगा। इस बीच भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद के बाद पहली डील पर बात बनी है, दोनों देशों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। डील के तहत भारत अमेरिका से करीब 2.2 मिलियन टन (MTPA) LPG खरीदेगा। जो भारत की सालाना जरूरत का 10% है। डील केवल एक साल यानी 2026 के लिए है।
दोनों देशों की सहमति के बाद ये डील भारत की सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) ने अमेरिकी एनर्जी सप्लायर्स- चेवरॉन, फिलिप्स 66 और टोटल एनर्जीज ट्रेडिंग के साथ की है। जिससे कयास है जनता को घरेलू गैस के भावों में गिरावट मिलेगी।
इस डील पर पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने खुशी जताई है और इसे ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा- दुनिया का सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता LPG मार्केट अमेरिका के लिए खुल गया है। हमने एनर्जी सप्लाई को डाइवर्सिफाई करने के लिए ये कदम उठाया है। इस निर्णय पर वॉणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'एनर्जी वो एरिया है जहां सबको साथ काम करना चाहिए। भारत एनर्जी का बड़ा प्लेयर है और हम US समेत दुनिया भर से इम्पोर्ट करते हैं। आने वाले सालों में US के साथ एनर्जी ट्रेड बढ़ेगा।