🌤️
--Bhopal, India

PlayBreaking News

 Air India  में कमांडर बनने का बदलेगा तरीका? नया सिस्टम जल्द होगा लागू, AI एक्सप्रेस का अनुभव जरूरी

Air India के पायलटों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नई प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कमांडर बनने की तैयारी कर रहे योग्य पायलटों और सीनियर फर्स्ट ऑफिसर्स को Air India Express में सेवा देनी पड़ सकती है।
Follow on Google News
 Air India  में कमांडर बनने का बदलेगा तरीका? नया सिस्टम जल्द होगा लागू, AI एक्सप्रेस का अनुभव जरूरी
Air India के पायलटों के लिए सामने आया बड़ा प्लान

एअर इंडिया समूह अपने पायलटों के करियर को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत एअर इंडिया के उन योग्य पायलटों और सीनियर फर्स्ट ऑफिसर्स को एअर इंडिया एक्सप्रेस में सेवा देनी पड़ सकती है, जो आने वाले समय में कमांडर बनने की तैयारी कर रहे हैं। नई व्यवस्था को कॉमन सीनियरिटी पूल के आधार पर लागू करने की योजना बताई जा रही है। हालांकि, इस प्रस्तावित फ्रेमवर्क को लेकर एअर इंडिया की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य एअर इंडिया समूह के अंदर पायलटों के लिए करियर का एक स्पष्ट रास्ता तैयार करना और एअर इंडिया एक्सप्रेस में अनुभवी कमांडरों की संख्या बढ़ाना है।

सीनियर फर्स्ट ऑफिसर्स को मिलेगा 10 लाख रुपए का बोनस

नई व्यवस्था में सीनियर फर्स्ट ऑफिसर्स के लिए आर्थिक लाभ का भी प्रावधान बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जो सीनियर फर्स्ट ऑफिसर्स नैरो-बॉडी बोइंग 737 विमानों के संचालन के लिए एअर इंडिया एक्सप्रेस में जाएंगे, उन्हें  10 लाख रुपए का बोनस दिया जा सकता है। इस कदम से पायलटों को एअर इंडिया समूह के भीतर आगे बढ़ने का एक तय करियर पाथ मिल सकता है। यानी पायलटों के लिए यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनुभव और योग्यता के आधार पर उन्हें आगे किस तरह की जिम्मेदारी मिल सकती है।

टर्बुलेंस फ्लाइट के पायलट का डोप टेस्ट निकला पॉजिटिव, फुकेट-दिल्ली आने के दौरान 300 फीट नीचे गिरा था विमान

मौजूदा कमांडरों को भी मिलेगा आर्थिक फायदा

नई व्यवस्था का फायदा सिर्फ सीनियर फर्स्ट ऑफिसर्स तक सीमित नहीं रहेगा। एअर इंडिया एक्सप्रेस में पहले से काम कर रहे कमांडरों के लिए भी आर्थिक लाभ का प्रावधान बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा कमांडरों को तीन साल की अवधि में कुल 21 लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, इसके बदले उन्हें कुछ शर्तों का पालन करना होगा। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कमांडरों को कंपनी की ओर से तय किए गए बेस पर कम से कम दो साल तक तैनात रहना होगा। जरूरत पड़ने पर इस अवधि को 6 महीने तक और बढ़ाया जा सकता है।

दो साल बाद चुन सकेंगे पसंद का बेस

तय अवधि पूरी करने के बाद पायलटों को अपनी योग्यता और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर पसंद का ऑपरेटिंग बेस चुनने का मौका मिल सकता है। इससे पायलटों को एक निश्चित अवधि तक कंपनी की जरूरत के अनुसार सेवा देने के बाद अपने काम की जगह को लेकर अधिक विकल्प मिलेंगे। माना जा रहा है कि इस तरह की व्यवस्था से पायलटों और एयरलाइन, दोनों के लिए योजना बनाना आसान होगा।

अनुभवी पायलटों को रोकने की कोशिश

एअर इंडिया समूह से जुड़े वरिष्ठ पायलटों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे एक बड़ी वजह अनुभवी पायलटों को समूह के भीतर बनाए रखना है। मौजूदा समय में एयरलाइन कंपनियों के बीच अनुभवी कमांडरों और सीनियर पायलटों को अपने साथ जोड़ने की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। अनुभवी पायलट किसी भी एयरलाइन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि नए विमानों के संचालन के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी कमांडरों की जरूरत होती है। ऐसे में एअर इंडिया समूह नई व्यवस्था के जरिए अपने पायलटों को समूह के भीतर ही आगे बढ़ने के अवसर देना चाहता है।

एअर इंडिया के बेड़े में नहीं है बोइंग 737

इस प्रस्तावित बदलाव की एक खास वजह बोइंग 737 विमानों की जरूरत भी बताई जा रही है। एअर इंडिया के मौजूदा विमान बेड़े में बोइंग 737 शामिल नहीं है। दूसरी तरफ, एअर इंडिया एक्सप्रेस बोइंग 737 विमानों का संचालन करती है। सूत्रों के मुताबिक, एअर इंडिया के सीनियर फर्स्ट ऑफिसर्स को एअर इंडिया एक्सप्रेस में भेजने की योजना का एक प्रमुख उद्देश्य 737 विमानों के लिए पर्याप्त संख्या में कमांडर तैयार करना है। आने वाले समय में एअर इंडिया एक्सप्रेस के बेड़े में कई और बोइंग 737 विमान शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में इन विमानों को उड़ाने के लिए पहले से पर्याप्त संख्या में योग्य कमांडरों की जरूरत होगी।

मुंबई में खराब मौसम का असर : एअर इंडिया और इंडिगो की दो फ्लाइट इंदौर एयरपोर्ट डायवर्ट

एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस में कितने पायलट?

बताया जा रहा है कि एअर इंडिया में इस समय 3,500 से ज्यादा पायलट काम कर रहे हैं। वहीं, एअर इंडिया एक्सप्रेस में 2,000 से अधिक पायलट हैं। दोनों एयरलाइनों के बेड़े को मिलाकर विमानों की संख्या करीब 300 बताई जाती है। इतने बड़े विमान बेड़े के संचालन के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित पायलटों की जरूरत होती है। खासकर जब किसी एयरलाइन के बेड़े में नए विमान शामिल होते हैं, तो उनके संचालन के लिए योग्य कमांडरों और फर्स्ट ऑफिसर्स की संख्या बढ़ाना जरूरी हो जाता है।

पायलट सीधे कमांडर नहीं बनता

किसी पायलट का कमांडर बनने का सफर काफी लंबा होता है। कमर्शियल पायलट लाइसेंस यानी CPL हासिल करने के बाद पायलट को तुरंत कमर्शियल विमान का फर्स्ट ऑफिसर बनने का मौका नहीं मिलता। इसके बाद उसे शुरुआती ट्रेनिंग और कई जरूरी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। अगले कुछ वर्षों में पायलट को आवश्यक परीक्षाएं, प्रशिक्षण और उड़ान से जुड़े अनुभव पूरे करने होते हैं। इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही वह फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालता है।

7-8 साल बाद बनता है सीनियर फर्स्ट ऑफिसर

फर्स्ट ऑफिसर के रूप में काम करने के बाद पायलट धीरे-धीरे अनुभव हासिल करता है। आमतौर पर करीब सात से आठ साल की सेवा के बाद पायलट को सीनियर फर्स्ट ऑफिसर की जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके बाद पायलट के अनुभव, योग्यता और जरूरी मानकों को पूरा करने के आधार पर उसे कमांडर पद के लिए प्रमोशन मिल सकता है। यानी कमांडर बनना पायलट के करियर में एक बड़ा और जिम्मेदारी वाला चरण होता है।

कमांडर के बाद सीनियर कमांडर की जिम्मेदारी

कमांडर बनने के बाद भी पायलट का करियर वहीं खत्म नहीं होता। कमांडर के रूप में करीब चार से पांच साल का अनुभव हासिल करने के बाद उसे सीनियर कमांडर की जिम्मेदारी दी जा सकती है। सीनियर कमांडर का पद अधिक अनुभव और जिम्मेदारी वाला होता है। इसलिए एयरलाइन कंपनियों के लिए अनुभवी कमांडरों को अपने साथ बनाए रखना बेहद जरूरी होता है।

नई व्यवस्था से क्या बदलेगा?

अगर प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है, तो एअर इंडिया समूह के पायलटों के लिए करियर का रास्ता पहले की तुलना में ज्यादा स्पष्ट हो सकता है। सीनियर फर्स्ट ऑफिसर्स को एअर इंडिया एक्सप्रेस में बोइंग 737 विमान उड़ाने का अनुभव मिलेगा। इससे उन्हें भविष्य में कमांडर बनने के लिए जरूरी अनुभव हासिल करने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, एअर इंडिया एक्सप्रेस को भी आने वाले समय में अपने बढ़ते विमान बेड़े के लिए पर्याप्त संख्या में अनुभवी कमांडर मिल सकेंगे।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

icon

Latest Posts