Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
पल्लवी वाघेला, भोपाल। यंग एज में लिव इन रिलेशन के केस तो कई सामने आते हैं, लेकिन भोपाल स्थित मीडिएशन सेंटर में एक बुजुर्ग महिला अपने लिव इन पार्टनर के साथ छोड़ने से दुखी होकर पहुंची। महिला की उम्र 62 वर्ष से अधिक है और वह बीते चार साल से करीब दो साल छोटे पुरुष के साथ लिव इन में रह रही थी। महिला चाहती है कि किसी तरह उसके पार्टनर को इस बात के लिए मनाया जाए कि वह दोबारा साथ आ जाए।
महिला बेंगलुरु में अपने परिवार के साथ रहती थी। 11 साल पहले पति की मृत्यु के बाद महिला ने अपनी टीचिंग की जॉब से अर्ली रिटायरमेंट ले लिया और भोपाल आकर रहने लगी। महिला का बचपन उसके पिता के जॉब के कारण भोपाल में गुजरा है। बच्चे विदेश में सेटल हैं और इसलिए उसे अकेले रहने के लिए भोपाल ठीक लगा। कोविड के दौरान अकेले रहने पर पड़ोसी ने उनकी बेहद मदद की।
पड़ोसी वृद्ध की पत्नी का देहांत 18 वर्ष पहले हो चुका था। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी। लेकिन तीन माह से पुरुष ने आना-जाना बंद कर दिया है। जब महिला ने मिलने का प्रयास किया तो समझ आया कि पुरुष के बच्चों को उनके बारे में जानकारी मिल गई है। पुरुष ने कहा कि वह बच्चों के आगे वह विवश है। मामले में महिला ने लिव इन पार्टनर के बच्चों को समझाइश देने के लिए गुजारिश की है।
मामले में महिला ने अब अपने बच्चों को इस रिश्ते के बारे में बता दिया है। उनके बच्चों ने मां की बात को समझा है। हालांकि, पुरुष के बच्चे तैयार नहीं हैं। उनकी काउंसलिंग का प्रयास जारी है। महिला और पुरुष दोनों अकेलेपन से घिरे हैं और शादी करके एक-दूजे का साथ चाहते हैं।
डॉ. प्रतिभा राजगोपाल, संचालक, मीडिएशन सेंटर