Aakash Waghmare
6 Feb 2026
Naresh Bhagoria
6 Feb 2026
Naresh Bhagoria
6 Feb 2026
भोपाल। सीहोर जिले के धामंदा गांव में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का बयान सुर्खियों में आ गया। मंच से बोलते हुए उन्होंने लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं की कम उपस्थिति पर नाराजगी जताई और कहा कि यदि महिलाएं बुलाने के बावजूद कार्यक्रमों में नहीं आतीं, तो उनके नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। इस बयान के बाद हितग्राही महिलाओं में चिंता है।
पीपुल्स अपडेट से बातचीत में एक महिला श्रमिक हेमलता बाई (परिवर्तित नाम) ने कहा कि अगर हम सरकारी सम्मेलन में जाएंगे तो काम से छुट्टी करनी पड़ेगी ऐसे में हमारा यहां का पैसा कट जाएगा। एक हितग्राही कमला (परिवर्तित नाम) ने कहा कि लाड़ली बहना के पैसे देकर मामा (शिवराज सिंह चौहान) ने हमारी सुध ली थी। हमने वोट भी उनको दिए अब नाम काटने की कह रहे तो हम फिर वहीं की वहीं आ जाएंगे।
मंत्री वर्मा ने मंच से कहा यहां गांव में 894 लाडली बहनाओं को लाभ मिल रहा है और आई कितनी हैं?और एक दिन सीईओ को बोलकर सबको बुलाएंगे, नहीं आईं तो नाम काटा जाएगा। यहां से रिपोर्ट दे दी जाएगी. जो दे रहा है , उसके लिए बोलो तो सही। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के समय में कभी बहनों को पैसा मिलता था क्या? हमारी सरकार किसानों को सम्मान निधि, राशन और लाडली बहनों को पैसा दे रही है।
मंत्री करण सिंह वर्मा के बयान के बाद मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह मंत्री का केवल एक गैर-जिम्मेदार बयान नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और महिला-विरोधी मानसिकता का खुला प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने 3000 रुपए देने के बड़े-बड़े वादे किए, फिर राशि 1500 रुपए पर अटक गई, और आज जब बहनें अपना हक मांग रही हैं तो उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। क्या यही भाजपा शासन में महिला सम्मान है? उन्होंने कहा कि भाजपा के तथाकथित सुशासन की असल तस्वीर उसके मंत्री स्वयं अपने बयानों से सामने ला रहे हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी भाजपा मंत्री विजय शाह द्वारा प्रदेश की लाड़ली बहनों और देश की बेटी कर्नल सोफिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, लेकिन ‘संस्कारों’ की दुहाई देने वाली पार्टी ने तब भी चुप्पी साध ली।