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नरसिंहपुर:1 रुपए के इनाम से डरा अपराधी, थाने पहुंच कर खुद किया सरेंडर, जानें क्या है पूरा मामला

1 रुपए के इनाम से डरा अपराधी, थाने पहुंच कर खुद किया सरेंडर, जानें क्या है पूरा मामला
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    करेली (नरसिंहपुर)। अपराधियों में अक्सर पुलिस का सामना करने से डर का माहौल रहता है। इनमें कुछ अपराधी शर्मिंदी से बचने के लिए भी खुद सरेंडर का रास्ता चुनते हैं। लेकिन नरसिंहपुर जिले से सामने आया एक मामले ने अपराधी को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। मामला यह है कि जिस अपराधी को पकड़ने के लिए पुलिस कड़ी मशक्कत कर रही थी उसने मात्र 1 रुपए के डर के आगे सरेंडर कर दिया।

    शराब तस्करी, सट्टा से जुड़ा है अपराधी

    बता दें 9 जनवरी को करेली थाने में दर्ज शराब कांड में मुख्य आरोपी धनराज लोधी लगातार फरार चल रहा था। धनराज कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि उस पर जिले के अलग-अलग थानों में शराब तस्करी, सट्टा और आर्म्स एक्ट से जुड़े करीब 13 संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बने इस बदमाश को पकड़ने के लिए इस बार करेली पुलिस ने बल प्रयोग नहीं, बल्कि रणनीति और सूझबूझ का सहारा लिया।

    1 रुपए ने स्वाभिमान को दी चुनौती

    नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक अनूठी और मनोवैज्ञानिक रणनीति अपनाई। धनराज को पकड़ने के लिए इलाके भर में पोस्टर चस्पा किए गए, लेकिन इनमें इनाम की राशि महज 1 रुपया रखी गई। यह ‘एक रुपये का इनाम’ धनराज के आपराधिक रसूख और कथित दबदबे पर सीधा प्रहार साबित हुआ। जैसे ही इस तुच्छ इनाम की जानकारी आरोपी और उसके परिजनों तक पहुंची, वे हैरान रह गए। समाज में उपहास और बदनामी का सामना करना पड़ा, जिससे उपजी शर्मिंदगी धनराज सहन नहीं कर सका और यही रणनीति पुलिस के लिए निर्णायक साबित हुई।

    आरोपी ने थाने पहुंचकर किया सरेंडर

    थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टर में घोषित एक रुपये के इनाम को लेकर आरोपी के परिजन भी सच्चाई जानने थाने पहुंचे थे। आखिरकार सामाजिक लोक-लाज और अपमान के भय से घबराकर मुख्य आरोपी धनराज लोधी ने स्वयं थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।

    थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि समाज में बुराई फैलाने वाले ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए यह एक सोचा-समझा मनोवैज्ञानिक प्रयोग था। बेहद कम इनाम रखकर आरोपी को उसके असली चेहरे और सामाजिक हैसियत का अहसास कराया गया, जिसका असर यह हुआ कि वह दबाव नहीं झेल सका और सरेंडर करने को मजबूर हुआ। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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