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विदिशा :प्रेमी संग गई बेटी तो परिवार ने मृत माना, रिश्तेदार संग निकाली शव यात्रा, पिता- उसके फैसले ने परिवार को बिखेरा

भाई राजेश कुशवाहा बोले-उसे बहुत लाड़-प्यार से पाला था। उसकी हर इच्छा पूरी की थी। बहन के इस फैसले से पूरा परिवार दुखी है। बड़े अरमानों से उसे पढ़ाया-लिखाया था,
प्रेमी संग गई बेटी तो परिवार ने मृत माना, रिश्तेदार संग निकाली शव यात्रा, पिता- उसके फैसले ने परिवार को बिखेरा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    विदिशा। बेटी के प्रेमी के साथ चले जाने से नाराज एक परिवार ने उसे मृत मानते हुए अंतिम संस्कार तक निकाल दिया। परिवार ने बेटी का पुतला बनाकर अर्थी सजाई, शव यात्रा निकाली, इतना ही नहीं अंतिम यात्रा में कई रिश्तेदार भी शामिल हुए। और फिर उनके साथ श्मशान घाट पहुंचकर पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया।

    यह मामला विदिशा की चूना वाली गली का है, जहां रहने वाले कुशवाह परिवार की 23 वर्षीय बेटी सविता 13 दिसंबर को अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने पहले आसपास उसकी तलाश की और रिश्तेदारों के यहां भी जानकारी जुटाई, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पाया।

    पुलिस ने सविता को परिवार के सामने पेश किया

    युवक-युवती के प्रेम से जुड़े  मामले में पुलिस ने सविता का पता लगाकर उसे परिजनों के सामने पेश किया। हालांकि, सविता ने परिवार के साथ घर लौटने से इनकार कर दिया। उसने साफ कहा कि उसने अपने प्रेमी संजू मालवीय से विवाह कर लिया है और अब उसी के साथ रहना चाहती है। 

    सविता का यह बयान सुनकर कुशवाह परिवार गहरे सदमे में चला गया। भावनात्मक आघात के चलते परिजनों ने खुद को घर के भीतर बंद कर लिया, जिससे इलाके में स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

    आटे से पुतला तैयार कर निकाली शव यात्रा

    मामले की जानकारी मिलते ही रिश्तेदारों ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें सांत्वना दी। वहीं बातचीत करने के बाद सविता के परिजनों ने उसे मृत मानते हुए अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। इसके तहत शुक्रवार को कुशवाह परिवार ने रिश्तेदारों को इकट्ठा किया। परिवार ने आटे से सविता का प्रतीकात्मक पुतला तैयार किया, और फिर इसे चिता पर रखा गया। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से अंतिम यात्रा निकाली गई।

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    पिता बोले- बेटी के फैसले से परिवार टूटा

    सविता के पिता रामबाबू कुशवाहा ने रोते हुए कहा- बेटी के फैसले से हम टूट चुके हैं। ये हमारे जीवन का सबसे दुखद क्षण है। दूसरी ओर, भाई राजेश कुशवाहा बोले-उसे बहुत लाड़-प्यार से पाला था। उसकी हर इच्छा पूरी की थी। बहन के इस फैसले से पूरा परिवार दुखी है। बड़े अरमानों से उसे पढ़ाया-लिखाया था, लेकिन वह सबको छोड़कर चली गई, इसलिए आज हमने अपने 'अरमानों की अर्थी' निकाली है।

     

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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