अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में शमशान घाट में एक युवक का अतिम संस्कार करने से उसके परिवार वालों को रोक दिया गया। शमशान घाट में युवक का अंतिम संस्कार सिर्फ इसलिए नहीं करने दिया गया क्योंकि शमशान घाट का उद्घाटन नहीं हुआ था।
परिजन ने मजबूरी में भरी बारिश में खुले आसमान के नीचे शव का अंतिम संस्कार किया। बारिश से चिता भीग न जाए, इसलिए ग्रामीणों ने लोहे की टीन और लकड़ियों को अपने हाथों से पकड़ कर रखा। इतना ही नहीं, चिता आग पकड़ सके, इसलिए चीता पर डीजल भी डाला गया।
परिजन का आरोप है कि पंचायत सचिव सविता रजक से जब श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी गई तो उन्होंने कह दिया कि अभी श्मशान घाट का उद्घाटन नहीं हुआ है, इसलिए वहां अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता है। इससे परेशान होकर परिजन और ग्रामीणों ने खुले मैदान में ही शव का अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीणों ने बताया कि पवन कुमार कुछ दिन पहले एक दुर्घटना में घायल हो गया था। उसके इलाज के बाद उसे घर ले आए थे, लेकिन रविवार दोपहर में उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। परिजन ने आरोप लगाया कि उन्होंने पंचायत से अंत्येष्टि सहायता राशि और लकड़ियों की व्यवस्था के लिए भी संपर्क किया था, लेकिन वह से कोई मदद नहीं मिली।
जनपद पंचायत सीईओ आलोक इटोरिया ने कहा जैसे ही मुझे मामले की जानकारी लगी, मैंने पंचायत सचिव से बात की। उनका कहना है कि श्मशान घाट में पहले ही लोगों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। लेकिन आज ऐसा क्यों हुआ इसकी जांच कराएंगे।
वहीं, जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन ने कहा इस तरह का मामला बेहद संवेदनशील है। जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।