Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

9 सितंबर को होगा उपराष्ट्रपति चुनाव : 21 अगस्त तक भरे जाएंगे नामांकन, जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुआ था पद

Follow on Google News
9 सितंबर को होगा उपराष्ट्रपति चुनाव : 21 अगस्त तक भरे जाएंगे नामांकन, जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुआ था पद
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। देश को नया उपराष्ट्रपति जल्द मिलने वाला है। चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को घोषणा कर बताया कि, भारत के अगले उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव 9 सितंबर 2025 को कराया जाएगा। यह फैसला मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद लिया गया है। उन्होंने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दिया था, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अगले ही दिन मंजूर कर लिया था।

    अब जब उपराष्ट्रपति का पद खाली है, तो संविधान के अनुसार जल्द चुनाव कराना अनिवार्य है। इसी के तहत आयोग ने 7 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है।

    उपराष्ट्रपति चुनाव की पूरी प्रक्रिया: कैसे होता है चुनाव?

    चरण 1: निर्वाचक मंडल का गठन

    उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों - लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और मनोनीत सांसदों से मिलकर बना निर्वाचक मंडल करता है।

    चरण 2: चुनाव की अधिसूचना

    निर्वाचन आयोग 7 अगस्त को चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा। इसमें नामांकन, जांच, मतदान और परिणाम की तारीखें होंगी।

    चरण 3: नामांकन दाखिल करना

    उम्मीदवारों को कम से कम 20 सांसदों द्वारा प्रस्तावक और 20 सांसदों द्वारा समर्थक बनाए जाने की जरूरत होती है। नामांकन 7 से 21 अगस्त के बीच दाखिल होंगे।

    चरण 4: प्रचार प्रक्रिया

    चूंकि मतदाता केवल सांसद होते हैं, इसलिए प्रचार भी संसद के भीतर ही सीमित होता है। उम्मीदवार और उनके समर्थन में खड़े दल सांसदों से संपर्क करते हैं।

    चरण 5: मतदान की प्रक्रिया

    9 सितंबर को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक संसद भवन में मतदान होगा। इसमें सांसद प्रत्याशियों को प्राथमिकता के क्रम (1, 2, 3…) में अंकित करते हैं।

    चरण 6: मतगणना और परिणाम

    मतगणना चुनाव के दिन शाम को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा। जीतने के लिए कुल वैध मतों का 50% से अधिक पाना जरूरी होता है।

    मतदान कैसे होता है? 

    उपराष्ट्रपति का चुनाव एक गुप्त मतदान होता है। यह पोस्टल-बैलट के जरिए संपन्न होता है। प्रत्येक सांसद को सभी प्रत्याशियों के आगे वरीयता क्रम में अंक भरना होता है। मतदान के लिए आयोग विशेष स्याही की कलम उपलब्ध कराता है और किसी अन्य पेन के उपयोग से वोट अमान्य माना जाता है।

    मतदाता किसी भी अन्य को अपना मत नहीं दिखा सकता। अगर उसने ऐसा किया, तो उसका वोट रद्द हो सकता है। राजनीतिक दल किसी उम्मीदवार के पक्ष में व्हिप जारी नहीं कर सकते। किसी भी प्रकार की रिश्वत या दबाव साबित होने पर सुप्रीम कोर्ट चुनाव रद्द कर सकता है।

    उपराष्ट्रपति के अधिकार और जिम्मेदारियां

    • उपराष्ट्रपति भारत का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है।
    • इन्हें 5 वर्षों के लिए चुना जाता है, लेकिन जब तक नए उपराष्ट्रपति नहीं बनते, तब तक वे पद पर बने रह सकते हैं।
    • उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति होते हैं।
    • यदि राष्ट्रपति अनुपस्थित हों, बीमार हों या पद रिक्त हो जाए तो उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति का कार्य करते हैं और राष्ट्रपति की सभी शक्तियां संभालते हैं।

    संसद में एनडीए के पास बढ़त

    • लोकसभा: 542 में से NDA के पास 293, जबकि I.N.D.I.A. गठबंधन के पास 234 सदस्य हैं।
    • राज्यसभा: प्रभावी 240 सदस्यों में से NDA को 130, और I.N.D.I.A को 79 सांसदों का समर्थन है।
    • कुल मिलाकर NDA के पास 423, जबकि I.N.D.I.A ब्लॉक के पास 313 सांसदों का समर्थन है।
    • शेष सांसद किसी भी खेमे में नहीं हैं, लेकिन NDA की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।

    किसके नाम की चर्चा?

    भाजपा की ओर से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर के नाम पर विचार चल रहा है। वहीं I.N.D.I.A गठबंधन एक संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहा है। भले ही एनडीए के पास बहुमत है, लेकिन विपक्ष मानता है कि मुकाबला पूरी तरह से एकतरफा नहीं होना चाहिए।

    चुनाव आयोग की भूमिका

    संविधान के अनुच्छेद 324 और राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम (1952) के तहत चुनाव आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग 60 दिन पहले चुनाव की अधिसूचना जारी करता है ताकि संवैधानिक पद रिक्त न हो।

    ये भी पढ़ें: अनिल अंबानी को ED का समन : 5 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया, 17 हजार करोड़ के लोन फ्रॉड से जुड़ा है मामला

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    Latest Posts