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उत्तराखंड :सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त हुए धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने पेयजल और जल जीवन मिशन से जुड़ी शिकायतों का एक सप्ताह में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त हुए धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर प्राप्त शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जन शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। धामी ने गुरुवार को कहा कि शिकायतों के समाधान में उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सचिवालय में  सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पेयजल एवं जल जीवन मिशन से संबंधित बड़ी संख्या में लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर इन शिकायतों का प्रभावी निस्तारण किया जाए। साथ ही जिन अधिकारियों की शिकायतों के निस्तारण में कार्यवाही शून्य प्रतिशत है, उन्हें तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 

गंभीरता से जांच करने की हिदायत

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित समय सीमा में जिन शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। उन्होंने स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन और अन्य श्रेणियों में डाली गई शिकायतों की भी गंभीरता से जांच करने को कहा, ताकि वास्तविक शिकायतें प्रभावित न हों। उन्होंने प्रत्येक सोमवार को जिला स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर आयुक्त तथा शासन स्तर पर सचिवों द्वारा समाधान दिवस आयोजित कर जन समस्याओं की नियमित सुनवाई और समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पहले ही महीने से पेंशन शुरू कराने तथा भूमि संबंधी विवादों के प्राथमिकता से निस्तारण पर भी जोर दिया। समीक्षा बैठक में बताया गया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई के बीच हेल्पलाइन पर 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण, 31,363 का आंशिक निस्तारण किया गया, जबकि 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 लंबित और 3,738 स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। इस अवधि में स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है। 

शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और विभागीय जवाबदेही के आधार पर होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों और जिलाधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक से पहले अपने-अपने विभागों की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि उनके गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और विभागीय जवाबदेही के आधार पर समीक्षा की जाएगी। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से फोन पर बातचीत कर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की भी जानकारी ली। इस दौरान राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, डॉ.आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सभी सचिव, अपर सचिव, विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

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