PU Special :दूसरे राज्यों में रोड शो, निवेशकों को GIS का न्योता, प्रदेश की खूबियां, लैंड बैंक और निवेश की सुविधाएं बताएंगे असफर

अशोक गौतम, भोपाल। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) को सफल बनाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने अब जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी है। अगले माह से अधिकारियों की टीमें देश के अलग-अलग राज्यों का दौरा कर निवेशकों और उद्योग संगठनों से सीधे संवाद करेंगी। इन दौरों में फिक्की, सीआईआई सहित विभिन्न औद्योगिक संघों और संगठनों के साथ बैठकें होंगी।
बताएंगे मप्र में किन क्षेत्रों में संभावनाएं
अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को जीआईएस में शामिल होने का न्योता देना और उनकी जरूरतों व सुझावों को समझना होगा। निवेशकों के साथ होने वाली बैठकों और प्रेजेंटेशन में मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं, उपलब्ध लैंड बैंक, सरकार की निवेश नीतियों, सुविधाओं और कच्चे माल की उपलब्धता की जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों की टीमें यह भी बताएंगी कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए किन क्षेत्रों में संभावनाएं हैं और सरकार निवेशकों को किस तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। जीआईएस का आयोजन 5 जनवरी से कराने की तैयारी है। इसके लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने और उनके कार्यक्रम में शामिल होने के लिए समय लेने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री भी निवेश आकर्षित करने के लिए देश-विदेश में उद्योगपतियों से मुलाकात कर रहे हैं। वे दुबई सहित कई देशों में उद्योगपतियों और निवेशकों से संपर्क कर उन्हें समिट में शामिल होने का न्योता दे चुके हैं।
इन सेक्टरों पर रहेगा खास फोकस
इस बार जीआईएस में मध्यप्रदेश की ताकत के रूप में ओडीओपी, खाद्यान्न, पर्यटन, खनिज, जल, जंगल और जमीन को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम मित्र पार्क, रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, मेडिकल पार्क और ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) की संभावनाओं का विशेष प्रेजेंटेशन निवेशकों के सामने होगा। सरकार का जोर ऐसे निवेशकों को आकर्षित करने पर है, जो प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, औद्योगिक आधार और तैयार हो रहे विशेष निवेश क्षेत्रों का लाभ उठा सकें। उद्यानिकी और फसलों के निर्यात पर फोकस किया गया है।
अब विभागों की भी सीधे जिम्मेदारी
जीआईएस की तैयारियों में उद्योग विभाग के साथ अब सरकार के अन्य बड़े विभागों को भी सीधे जिम्मेदारी दी गई है। विभाग अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े निवेश की संभावनाओं पर काम करेंगे और निवेशकों को समिट में आमंत्रित करेंगे। विभाग प्रमुख जरूरत के अनुसार अधिकारियों की टीम दूसरे राज्यों में भेजकर निवेशक बैठकें और कार्यक्रम भी आयोजित करा सकेंगे। अधिकारियों के लिए निवेश जुटाने की गतिविधियों में सहभागिता अनिवार्य की गई है।
सतगढ़ी में भी शुरू हुई तैयारियां
इधर, जीआईएस के आयोजन को लेकर भोपाल के सतगढ़ी क्षेत्र में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। कोलार रोड पर वीवीआईपी आवाजाही का दबाव कम करने के लिए पांच हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं। इससे बड़े उद्योगपति और वीवीआईपी सीधे आयोजन स्थल के नजदीक पहुंच सकेंगे। कोलार रोड पर वाहनों का दबाव और जाम कम करने के लिए भी ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। डीमार्ट और उसके आगे से सतगढ़ी तक सड़क चौड़ीकरण के लिए टेंडर जारी हो चुका है। अगले माह से काम शुरू होने की संभावना है।
अधिकारियों की टीम अलग-अलग राज्यों में जा रही
जीआईएस की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए अधिकारियों की टीमें निवेशकों से चर्चा करने अलग-अलग राज्यों में जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर भी आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
चंद्रमौली शुक्ला, एमडी, एमपीआईडीसी
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