PU Special :नौकरी छोड़ी तो टूट गई सगाई, इस साल जुलाई तक ऐसे 8 रिश्ते टूटने से बचे; प्री-मैरिज काउंसलिंग में संभला रिश्ता

पल्लवी वाघेला, भोपाल। प्री-मैरिज काउंसलिंग में सामने आया कि लड़की का मन अब भी युवक से जुड़ा था और दोनों परिवारों ने एक-दूसरे की बात समझने के बजाय अपनी-अपनी आशंकाओं को सच मान लिया था। चार काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों ने महसूस किया कि नौकरी और कारोबार से बड़ा रिश्ता है। अब वही युवक-युवती नवंबर में शादी करने जा रहे हैं। भोपाल के इस कपल की तरह अन्य सात मामलों में भी प्री-मैरिज काउंसलिंग रिश्ते की दुविधा को मिटाने का जरिया बनी।
चार काउंसलिंग के बाद फिर शादी के लिए तैयार
परिवार ने आखिरी कोशिश के तौर पर प्री-मैरिज काउंसलिंग सेंटर से संपर्क किया। काउंसलिंग में सामने आया कि लड़की का मन अब भी युवक से जुड़ा था और बातचीत के जरिए दोनों पक्षों की आशंकाओं को समझने की कोशिश की गई। चार काउंसलिंग के बाद दोनों परिवारों ने महसूस किया कि नौकरी और कारोबार से बड़ा रिश्ता है। अब दोनों नवंबर में शादी करने जा रहे हैं।
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भोपाल समेत सात मामलों में काउंसलिंग से संभले रिश्ते
भोपाल के इस कपल की तरह अन्य सात मामलों में भी प्री-मैरिज काउंसलिंग रिश्ते की दुविधा को मिटाने का जरिया बनी। राष्ट्रीय महिला आयोग की पहल 'तेरे-मेरे सपने' के तहत भोपाल के चार, इंदौर के दो और विदिशा और रीवा जिले के एक-एक मामले में भावी दूल्हा-दुल्हन ने खुद पहल कर रिश्ता संभालने का प्रयास किया। इन मामलों में करियर, नौकरी, कारोबार और भविष्य की योजनाओं को लेकर बनी दुविधाओं पर बातचीत की गई।
दिल्ली की नौकरी छोड़ने के बाद हुआ विवाद
भोपाल के एक मामले में दिल्ली में रह रहा युवक नौकरी छोड़कर अपना कारोबार शुरू करने के लिए भोपाल आकर बस गया। युवती ने यह कहकर शादी से मना कर दिया कि वह भोपाल से बाहर निकलने के लिए यह शादी चाहती थी और बात रिश्ता खत्म करने तक पहुंच गई। युवक ने मंगेतर को प्री-मैरिज काउंसलिंग के लिए तैयार किया। बातचीत में सामने आया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की बात समझने के बजाय अपनी-अपनी आशंकाओं को सच मान लिया था। परिवारों के बीच मध्यस्थता के बाद उन्होंने शादी का फैसला बरकरार रखा।
नेटवर्क मार्केटिंग को लेकर बनी असहमति
रीवा निवासी युवती ने शादी के बाद अपना नेटवर्क मार्केटिंग का काम जारी रखने की इच्छा जताई। लड़के वालों ने कहा कि सगाई के पहले ही उन्होंने काम के लिए मना कर दिया था, जबकि लड़की ने कहा कि घरवालों ने उसे इस बारे में कुछ नहीं बताया था, नहीं तो वह हां नहीं करती। उसने बताया कि आठ साल कड़ी मेहनत करके अपनी चेन तैयार की है और अच्छा कमा रही है। काउंसलिंग में दोनों पक्षों ने अपनी अपेक्षाएं स्पष्ट कीं। लड़की ने कहा कि वह केवल ऑनलाइन काम करेगी और साल में बस दो बार नेशनल लेवल के सेमिनार में हिस्सा लेगी। बिजनेस और घरेलू जिम्मेदारियों को लेकर पहले से सहमति बनने के बाद दिसंबर में शादी होना तय है।
शादी दो लोगों के साथ दो परिवारों का भी रिश्ता
काउंसलर समर खान, तेरे-मेरे सपने प्री-मैरिज काउंसलिंग सेंटर, भोपाल के मुताबिक शादी दो लोगों के साथ दो परिवारों का भी रिश्ता है। इसलिए करियर, नौकरी, कारोबार, शहर और आर्थिक स्थिति में बदलाव को लेकर पहले से खुलकर बातचीत जरूरी है। कई बार परिवार अपनी अपेक्षाओं को इतना महत्वपूर्ण मान लेते हैं कि सामने वाले व्यक्ति की खूबियां और उसके साथ बना भावनात्मक रिश्ता पीछे छूट जाता है। ऐसे में तुरंत रिश्ता तोड़ने की बजाय युवक-युवती से उनकी प्राथमिकताएं और भविष्य की योजनाएं समझनी चाहिए। खासकर नौकरी और बिजनेस जैसे मामलों में वर्तमान स्थिति के बजाय व्यक्ति की सोच, जिम्मेदारी लेने की क्षमता और भविष्य की योजना को भी देखना चाहिए। सबसे जरूरी है कि किसी बड़े फैसले से पहले दोनों पक्ष शांत मन से बातचीत करें। कई बार संवाद की कमी से पैदा हुआ विवाद बातचीत से सुलझ सकता है।




















